बारिश से गेहूं की फसल को राहत तो दलहन और तिलहन के किसान मायूस खरीदी केंद्रों में धान के लिये परेशानी का सबब

बारिश से गेहूं की फसल को राहत तो दलहन और तिलहन के किसान मायूस
खरीदी केंद्रों में धान के लिये परेशानी का सबब
अनूपपुर।
जिले में मावठे की बारिश, तेज बारिश से जनजीवन हुआ प्रभावित, अचानक शुरू हुई बारिश में जनजीवन अस्त व्यस्त, बारिश से जहां दलहनी फसलों को नुकसान की आशंका तो किसानों को रबी फसल में लाभ की उम्मीद, बढ़ी ठंड, ठंड से बचने आग का सहारा ले रहे लोग जिले के पहाड़ी इलाकों और तटीय क्षेत्रों में सुबह से ही आसमान में बादलों ने डेरा डाला है जिला मुख्यालय बिजुरी कोतमा रामनगर डोला डुमरकछार राजेन्द्रग्राम बेनीबारी अमरकंटक जैतहरी वेंकटनगर में बूंदाबांदी और छुटपुट बारिश हो रही है इस बारिश से कहीं खुशी कहीं गम का माहौल है एक तरफ दलहन और तिलहन के किसान मायूस है तो गेहूं की खेती करने वाले किसानों के चेहरे में खुशी की लहर है गेहूं के लिए इस बारिश को अमृत माना जा रहा है तो वहीं धान खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था का आलम है जिससे धन भीगने का भी डर है अगर ये बारिश ज्यादा हुई तो नुकसान बढ़ सकता है।
झमाझम बारिश से मौसम ठंडा हुआ
धार्मिक तीर्थ स्थल एवं पर्यटन केंद्र पवित्र नगरी अमरकंटक में शनिवार को दोपहर 2 बजे से अच्छी 2 घंटे से अधिक झमाझम मध्यम एवं तेज बारिश होती रही फलस्वरूप मौसम और भी ज्यादा ठंडा हो गया है पर्यटक एवं तीर्थ यात्री भक्त श्रद्धालु गण सुबह से हजारों की तादाद में पावन सलिला नर्मदा नदी के रामघाट पुष्कर बांध, आरंडी संगम तट में पुण्य डुबकी लगाते रहे तत्पश्चात पूजन अर्चन दर्शन किया नर्मदा उद्गम स्थल में कतार बध्य होकर दर्शन लाभ लिया इसी तरह सोनमुड़ा माई की बगिया कपिलधारा दूध धारा जलेश्वर धाम एवं जैन मंदिर में पर्यटक तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ इस दौरान देखी गई। आज दोपहर 2 बजे से देर शाम तक रुक रुक कर एवं कभी तेज तो कभी रिमझिम वर्षा होती रही इससे पवित्र नगरी अमरकंटक का मौसम एक बार फिर अत्यंत ठंडा हो गया है फल स्वरुप पारा फिर लुढ़क कर नीचे आ गया इससे अमरकंटक में ठंडी ठंडी हवाएं चल रही हैं शीत लहर जैसे स्थितियां बन गई हैं।
सीमावर्ती नगर  बारिश से हलाकान
वेंकटनगर में मौसम बारिश ठिठुरन वाली ठंड बड़ी बे मौसम बरसात में आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है शनिवार की दोपहर से हो रही बारिश ने  किसानों  की चिंता बढ़ा दी है दिसंबर की बारिश ने किसानों की धान को पूरी तरीके से चौपट कर दिया है  किसानों  की धान का यह समय गहाई का होता है ऐसे में किसानों के पास समुचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें इस बे मौसम बरसात का खामियाजा अपनी फसलों को चौपट कराकर भुगतना पड़ता है वहीं धान के अलावा राहर भी इस समय फूलने के समय में है ऐसे में यह खराब मौसम के कारण उनके फूलों में कीड़े लगकर और उन्हें नष्ट कर देते हैं वहीं बच्चों और बूढ़ों को भी यह ठिठुरन  वाली ठंड के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गेंहू को राहत, धान की आफत
शुरू होगा कड़ाके की ठंड का दौर, जिला प्रशासन ने जारी किये थे निर्देश, कम तौल वालों पर गाज गिरना तय सुबह-सुबह मावठे की बारिश ने जहाँ एक तरफ खेतों में खड़ी गेंहू की फसल को राहत दी है, वहीं जिले के खरीदी केंद्रों में खुले में पड़ी धान के लिये आफत साबित हो रही है। जिला प्रशासन की टीम और किसानों ने बीते दो दिनों में प्रयास तो खूब किये, लेकिन कसर रह गयी। सभी उपार्जन केन्द्र प्रभारी खुले में रखे हुए धान को बारिश से सुरक्षा के समस्त उपाय तत्काल सुनिश्चित करें।  

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *