बदली परिस्थितियों में साम्राज्यवाद के खिलाफ भारत में भी माहौल- कामरेड गुलाब
भाकपा की शताब्दी वर्ष ग्राम पोडी में हुआ सम्पन्न
जमुना कोतमा। कामरेड गुलाब सिंह कंवर पेशा कानून निगरानी समिति की अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के शताब्दी समारोह के मुख्य वक्ता भाकपा के सहायक राज्य सचिव ने रूसी क्रांति के बाद देश एवं दुनिया में तेजी से परिस्थितियां बदली और मेहनतकश जनता को एक उम्मीद की किरण दिखाई दी साम्राज्यवाद के खिलाफ भारत में भी एक माहौल दिखाई देने लगा 1917 रूसी क्रांति का ही व्यापक प्रभाव था। भगत सिंह अशफाक उल्ला खदान है ठाकुर रौशन सिंह चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारी देश की आजादी शोषण बिहिन समाज बनाने के लिए छब्बीस दिसंबर 19, 25 को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के स्थापना की गई तमाम उतार चढ़ाव से गुजरते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सौवें वर्ष में प्रवेश कर लिया है अपने सौ वर्ष के इतिहास में आजादी की लड़ाई से लेकर हर मोर्चे पर बहादुरी कम्युनिस्ट पार्टी ने लड़ाई लड़ी है और देश के तरक्की में योगदान दिया है काकोरी डकैती कान्ड, कानपुर षड्यन्त्र, मेरठ षड्यन्त्र में कम्युनिस्टों को ही फांसी और सजा हुई कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में मजदूरों, किसानों, छात्रों, लेखको को संगठित किया गया आजादी के बाद में महिलाओं एवं नौजवानों को संगठित कर उनके अधिकारों की लड़ाई कम्युनिस्ट पार्टी ने लड़ी आजादी के पूर्व एवं आजादी के बाद मेहनतकश के तमाम कानुन बनवाये भूमि सुधार बैंकों का राष्ट्रीयकरण सार्वजनिक क्षेत्र का निर्माण एवं सर्व धर्म सद्भाव के कम्युनिस्ट पार्टी ने कुर्बानी दी आज सौ वर्ष बाद भी कम्युनिस्ट पार्टी की प्रासंगिकता है सांम्प्रादायिकता के खिलाफ, मजदूरों के अधिकारियों, किसानों के फसल की दोगुनी कीमत एवं महंगाई बेरोजगारी के लिए निरन्तर संघर्ष भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कर रही है हमें कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूत करने के लिए आगे आना चाहिए सभा को कम्युनिस्ट पार्टी के विजय सिंह ने कहा कि आज किसान चैतरफा हमले का शिकार हो रहा है, खाद, किटनाशक दवाई महँगी है सिंचाई का कोई व्यवस्था नहीं है दुसरी तरफ ओला अति वृष्टी से बचाये गये फसल की कीमत बहुत कम है दिल्ली बार्डर पर आंदोलन करते किसानों ने शहादत दे दी किन्तु सरकार ने एक न सुनी स्वामीनाथन कमेटी के रिपोर्ट को लागू नहीं किया अभी भी किसान आत्महत्या करने को विवस है भाजपा की सरकार देश बड़े पूंजीपति को मालामाल एवं किसान, मजदूरों को कंगाल बनाने में लगी है पूर्व जिला सचिव संतोष केवट ने कहा कि कहने को तो मध्य प्रदेश सर्वाधिक आदिवासीयों वाला राज्य है किन्तु बनाधिकार कानून का पालन नहीं किया गया है संसद में गृहमंत्री अमित साह ने संबिधान निर्माता अंबेडकर का मजाक उडाकर समुचे देश का अपमान किया है भाजपाई कभी भी किसानों मजदूरों का उत्थान नहीं चाहते हैं हम मजबूत संगठन बनाकर अपने नेताओं के भावना को आगे बढ़ायेंगे सभा के अन्त में कामरेड गुलाब सिंह ने आभार के सभा को समाप्त किया।


