सहायक आचार्य: 11 हजार पदों के लिए ली परीक्षा, पर 4817 शिक्षक ही मिले

पहली से पांचवीं तक भी 6183 पदों पर नहीं मिल सके शिक्षक झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा-2023 के पहली से पांचवीं कक्षा के शिक्षकों का रिजल्ट घोषित कर दिया। 11 हजार पदों के लिए हुई परीक्षा में सिर्फ 4817 अभ्यर्थी ही सफल हुए। इनमें नॉन पारा कैटेगरी के 3009 और पारा कैटेगरी के 1808 अभ्यर्थी शामिल हैं। इस बार भी 11 हजार पदों के लिए हुई परीक्षा में 6183 पद खाली रह गए। हालांकि कुछ अ​भ्यर्थियों का परिणाम लंबित रखा गया है। आयोग ने बुधवार सुबह यह रिजल्ट जारी किया। अब गुरुवार को इस मामले की सुनवाई है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को 14 अगस्त तक हर हाल में रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया था। इससे पहले आयोग ने छठी से आठवीं कक्षा के लिए रिजल्ट जारी किया ​था। उसमें भी 15,001 पदों के लिए 5748 अभ्यर्थियों का ही चयन हुआ ​था। यानी कुल 26,001 पदों के लिए हुई परीक्षा में कुल 10,565 पदों पर ही शिक्षक मिल सके। 15,436 पद खाली रह गए। अब इन पदों को भरना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि इन पदों को भरे बिना छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन देना संभव नहीं होगा। जिलावार ऐसा रहा रिजल्ट जिला नॉन पारा पारा रामगढ़ 58 43 रांची 212 132 साहिबगंज 69 46 सरायकेला 112 72 सिमडेगा 66 09 बोकारो 148 98 चतरा 129 95 देवघर 182 144 धनबाद 138 115 दुमका 130 89 पू. सिंहभूम 147 61 गढ़वा 157 88 गिरिडीह 241 179 जिला नॉन पारा पारा गोड्‌डा 120 83 हजारीबाग 139 111 जामताड़ा 79 51 खूंटी 81 21 कोडरमा 65 41 लातेहार 82 48 लोहरदगा 49 25 पाकुड़ 65 48 पलामू 253 148 प. सिंहभूम 141 32 गुमला 128 23 पद खाली रहने की 3 प्रमुख वजह 1. बॉयोमीट्रिक्स मिसमैच : शॉर्ट लिस्टेड अभ्यर्थियों का डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन से पहले बॉयोमीट्रिक्स मिलान कराया गया था। इसमें सैकड़ों अभ्यर्थियों को बॉयोमीट्रिक्स मिसमैच होने के कारण डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया में शामिल होने से रोक दिया गया। 2. प्रमाण पत्र की कमी : डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के लिए समय पर शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों को मूल प्रमाण पत्र के साथ आने के लिए कहा गया था। लेकिन कई अभ्यर्थियों के पास वांछित प्रमाण पत्र नहीं था। इसलिए इनका परिणाम लंबित रखा गया है। 3. प्रशिक्षण संस्थान वैध नहीं : सहायक नियुक्ति परीक्षा में ऐसे भी अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनके प्रशिक्षण संस्थान की वैधता पर संशय है। ऐसे संस्थान के अभ्यर्थी भी शॉर्टलिस्टेड हुए हैं। यानी ऐसे अभ्यर्थियों का भी परिणाम लंबित रखा गया है। आगे क्या… आयोग विभाग से मांगेगा मार्गदर्शन जेएसएससी के परीक्षा नियंत्रक ने कहा है कि अनिवार्य प्रमाण पत्रों, डॉक्युमेंट की अनुपलब्धता और बायोमीट्रिक का मिलान नहीं होने पर कुछ अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम लंबित रखा गया है। ऐसे अभ्यर्थियों के मामले में विभागीय मार्गदर्शन के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। ऐसे स्थिति में रिजल्ट में संशोधन संभव है। कुछ अभ्यर्थियों के रिजल्ट लंबित रखे गए हैं। कक्षा 6 से 8 : विषय वाइज यह है स्थिति कुल 26,001 पदों में से 15,436 पद रह गए खाली नॉन पारा कै​टेगरी में 3009 और पारा कैटेगरी में 1808 का चयन 1. सोशल साइंस : इस विषय में कुल 5002 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, लेकिन परिणाम के अनुसार केवल 3026 अभ्यर्थी ही सफल हो पाए हैं। सफल उम्मीदवारों में से 1861 पारा कैटेगरी से हैं और 1165 नॉन-पारा कैटेगरी के हैं। जबकि 1976 पद खाली रह गए हैं। 2. गणित-विज्ञान : इस विषय में कुल 5,008 पदों पर नियुक्ति की जानी थी। प्रारंभिक परीक्षा के बाद 2,734 उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) के लिए बुलाया गया था। इसमें 1,661 अभ्यर्थी चयनित हुए थे। वहीं 3,347 पद खाली रह गए थे। 3. भाषा : इस विषय में सहायक आचार्य के 4,991 पदों के लिए परीक्षा आयोजित हुई थी। इसमें 1,059 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया। जबकि 3,932 पद रिक्त रह गए हैं। यह परिणाम दर्शाता है कि बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवारों की अनुपलब्धता या अन्य कारणों से पद भरे नहीं जा सके हैं।

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