भास्कर न्यूज | राजनांदगांव जैन बगीचे के नए हाल में अपने नियमित प्रवचन में बुधवार को मुनि विनय कुशलश्रीजी के शिष्य मुनि वीरभद्र (विराग)श्रीजी ने कहा कि जो कंपनी बोनस देती है उसके शेयर के भाव भी बढ़ते जाते हैं। हम धन कमाने में लगे रहते हैं किंतु आत्म कल्याण की ओर हमारा ध्यान नहीं रहता। आराधना में ज्यादा से ज्यादा समय दें और आत्म कल्याण के मार्ग पर बढ़ चलें। यह निश्चित है कि जो कंपनी अपने कर्मचारियों का ध्यान रखती है, वहां कर्मचारी भी अपनी कंपनी का ध्यान रखते हैं। इसी तरह हम धर्म साधना में अपना ध्यान लगाए तो आत्म कल्याण के मार्ग में हमको इसका लाभ मिलेगा। विषय कषायों में फंसा व्यक्ति प्रमाद में ही रहता है। उसके पास धर्म ध्यान के लिए समय नहीं रहता। जब परमात्मा के लिए उसके पास समय नहीं रहता तो फिर वह यह उम्मीद कैसे कर लेता है कि परमात्मा के पास उसके लिए समय होगा। कहा कि हमने काफी समय व्यर्थ ही गुजार दिया। आजकल 50-60 साल के बाद की जिंदगी बोनस की जिंदगी है। जिंदगी का बहुत बड़ा भाग हमने पार कर लिया है। संसार के काम भले ही कोई कर ले लेकिन अपना काम तो हमें स्वयं ही करना पड़ेगा।


