भास्कर न्यूज| महासमुंद शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सख्त कार्रवाई की गई है। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिक शाला लिमउगुड़ा में पदस्थ प्रधानपाठक प्रकाश सतपथी को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली से 7 अगस्त को प्रकाश सतपथी पर विद्यार्थियों, पालकों और ग्रामवासियों के साथ असम्मानजनक व्यवहार करने, विद्यालय प्रबंधन समिति के अनुरूप कार्य न करने और गंभीर कार्यवृत्ति दोषों का आरोप सिद्ध हुआ। जांच में यह भी सामने आया कि उनका आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के विपरीत है। प्रकाश सतपथी के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद छग सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत सेवा से तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया गया। आदेश जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद विजय कुमार लहरे के हस्ताक्षर से 13 अगस्त 2025 को जारी हुआ।


