भास्कर न्यूज | चतरा समाहरणालय सभा कक्ष में उपायुक्त कीर्तिश्री जी की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), अबुआ आवास, मनरेगा तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी की संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मनरेगा के तहत वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना, मनरेगा पार्क, बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना और आंगनवाड़ी भवनों की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास एवं अबुआ आवास योजनाओं को तय समय सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया । उन्होंने कहा कि जिन पंचायत सहायकों व पंचायत सचिवों के प्रदर्शन मानक के अनुरूप नहीं पाया जाएगा, उन्हें चिह्नित कर नियम सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि पंचायत स्तर पर योजनाओं की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करना पंचायत सहायकों की सीधी जिम्मेवारी है और इस दायित्व में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धनखेरी मॉडल संकुल राष्ट्र स्तर पर तीसरा स्थान मिला : कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि इटखोरी प्रखंड स्थित धनखेरी मॉडल संकुल स्तरीय संगठन ने आत्मनिर्भर संगठन पुरस्कार 2024 में देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस संगठन का चयन पांच वर्ष से अधिक पुराने संगठनों की श्रेणी में हुआ है और इसकी अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष को 14 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। साथ ही वे 15 अगस्त को दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी भाग लेंगी। उपायुक्त ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए इसे अन्य संगठनों के लिए प्रेरणादायक है। कुसुम योजना लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश : बैठक में उपायुक्त पीएम कुसुम योजना की समीक्षा की। इस योजना के तहत जिले तहत 5000 किसानों को लाभ देने का लक्ष्य मिला है। डीसी ने लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश दिया है। सभी सीएलएफ के भवनों की वर्तमान स्थिति एवं सूची शीघ्र जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। महिला किसान मोबिलाइजेशन में कमजोर प्रदर्शन वाले प्रखंडों के बीपीएम से शो कॉज पूछा गया। डीसी ने एफपीओ/एफपीसी को 7 करोड़ के वित्तीय लक्ष्य 31मार्च 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया ।उन्होंने प्रदर्शन में सुधार न होने पर संबंधित बीपीएम का वेतन रोकने की चेतावनी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहन करने का निर्देश दिया । बैठक में उप विकास आयुक्त अमरेंद्र कुमार सिन्हा, सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी आदि मौजूद थे।


