भास्कर न्यूज | अमृतसर कंस्ट्रक्शन बॉयलाज का उल्लंघन कर बने सर्किट हाउस के अंदर होटल बनाने का काम शुरू किया जा रहा है। डीसी ने लैटर जारी करके अलग-अलग विभागों से ली गई एनओसी बारे संबंधित विभागों से मौजूदा स्थिति अनुसार रिपोर्ट लेकर भेजें। फर्म की तरफ से एनओसी अनुसार क्या कार्रवाई की गई है। जारी लैटर में लिखा है कि सर्किट हाउस फर्म की तरफ से अलग-अलग विभागों से एनओसी ली गई है। लेकिन फर्म द्वारा कंस्ट्रक्शन बॉयलाज का उल्लंघन किया गया है। सर्किट हाउस के चारों ओर 6 मीटर की सर्विस लेन नॉर्म्स अनुसार मुख्य दफ्तर आर्किटेक्ट की तरफ से अनुमति दी गई थी लेकिन इसकी पैमाइश मैच नहीं कर रही है। इसकी टर्निंग रेडियस भी सही नहीं है। इसलिए फर्म द्वारा शुरू किए जा रहे होटल की रिपोर्ट भेजी जाए। बता दें कि सर्किट हाउस शुरू से ही विवादों में रहा है। 3 साल पहने नॉर्थ हलका के विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा सत्र में मुद्दा उठाया था कि जिन कंपनियों को इसका काम दिया गया उसमें 2 कांग्रेस सरकार के समय डिप्टी सीएम के रिश्तेदारों की हैं। जिस नाम से होटल बन रहा उसका भी जिक्र किया था। कांग्रेस सरकार के दौरान ही सर्किट हाउस को पीपीपी मोड पर दिया गया था। कुंवर ने आरोप लगाया था कि होटल के मालिक कांग्रेस नेता के परिवार से हैं। जबकि दूसरी कंपनी उनके रिश्तेदार की। पूरे मामले की जांच की मांग भी उठाई थी। हालांकि विधानसभा सत्र में यह गंभीर मुद्दा उठाए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। वहीं अब डीसी की तरफ से जारी लैटर में कंस्ट्रक्शन बॉयलाज का उल्लंघन सामने आया है। लेकिन सवाल वही है कि जब नियम विपरीत निर्माण कराया गया और भ्रष्टाचार की बू इसमें आ रही तो खुद को ईमानदार बताने वाली सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर सकी।


