राजस्थान का अर्द्धकुंभ कहलाने वाले सुंईया महादेव मेले की शुरुआत हो चुकी है। कल से मेला भरना शुरू होगा। मेला स्थल पर सोमवार को सुबह चार बजे से शाम 5 बजे तक पंचयोग में स्नान की शुरुआत होगी। इस बीच शनिवार को एसपी नरेंद्र सिह मीना, ADM राजेंद्र चांदावत व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने मठ, मंदिरों में पहुंचकर आने-जाने वाले रास्तों का जायजा लिया। डेढ़ हजार से ज्यादा पुलिस जवानों और अधिकारियों के साथ मीटिंग कर ब्रीफिंग की गई। वहीं अधिकारियों और जवानों की ड्यूटी का पॉइंट चिह्नित किया गया है। पुलिस की ओर से पार्किग स्थलों का निर्धारण कर दिया। वहीं एसपी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि पुलिस व प्रशासन का सहयोग करें। दरअसल, बाड़मेर जिले के चौहटन को धर्मनगरी के रूप में जाना जाता है। पांच दिवसीय मेले के तीसरे दिन भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। शनिवार को एसपी नरेंद्र सिंह मीना, एडीएम राजेंद्र चांदावत, मेला प्रभारी एवं सेड़वा एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई सहित स्थानीय अधिकारियों ने चौहटन मेला स्थल पहुंचे। जिले सहित ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और जवानों के साथ मीटिंग की। वहीं अलग-अलग जगहों पर ड्यूटी निर्धारित की गई। एसपी ने हिदायत दी कि मेले में श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतें। एसपी ने कपालेश्वर एवं सूंईया महादेव मंदिरों के पहाड़ी रास्तों का अवलोकन किया। इस दौरान पहाड़ी पर रिस्क वाले स्थानों पर फोटो वीडियोग्राफी कर रहे लोगों के कैमरे जब्त किए। वहीं ऐसे स्थानों पर पाबंदी भी लगाई गई है। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि करीब 1500 पुलिस अधिकारी और जवानों को लगाया गया है। सूंईया, कपालेश्वर अलग-अलग सेक्टर पुलिस अधिकारियों और जवानों को तैनात किया जाएगा। साथ ट्रैफिक व्यवस्था अलग है। पुलिस की और से चाक-चौबंद व्यवस्था कर दी गई है। श्रद्धालुओं से अपील की है कि पुलिस की तरफ से जो इंतजाम किए गए है। उसमें लोग सहयोग करें। वहीं जाब्ते का रिजर्व भी रखा गया है। चौहटन डिप्टी और थाने के पूरे स्टाफ को फ्री रखा है। जो पूरी व्यवस्थाओं की देखरेख करेगी। आने-जाने वाली गाड़ियों को रात को 8 बजे से बंद कर दिया जाएगा। वाहनों की पार्किग के लिए यह रहेगी व्यवस्था


