देशभक्ति का जज्बा और शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि देने के लिए बालोद जिले के किसान ने अनूठा तरीका अपनाया। अपनी खेती की जमीन बेची और पत्नी के गहने गिरवी रख दिए। इसके बाद देश भर में अलग-अलग स्थानों में शहीद हुए जवानों की प्रतिमाएं गांव के खेत में ही स्थापित कर दी। गुंडरदेही ब्लॉक के देवगहन गांव के किसान लोकेंद्र साहू ने ये प्रतिमाएं खुद के पैसों से बनवाईं। उन्हें स्थापित करने के साथ ही एक छोटा सा गार्डन भी डेवलप कर दिया। अब तक यहां 18 प्रतिमाएं स्थापित हो चुकी हैं। इसमें करगिल से लेकर, पुलवामा, गलवान और झीरम घाटी में नक्सल हमले में शहीद जवानों की प्रतिमाएं भी हैं। शहीद भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमाएं भी बनकर तैयार हैं। इसके लिए भी प्लेटफॉर्म बना हुआ है। लोग प्रेरणा लें और 1 रुपए देकर मेरे इस अभियान में सहभागी बनें
देवगहन के पूर्व सरपंच रहे लोकेंद्र साहू ने कहा कि शहीदों की कुर्बानी से सदा से प्रेरणा मिलती रही है। मन में आया कि शहीदों की शहादत को सम्मान देने के लिए कुछ करना चाहिए। लोग अपने परिवार की याद में पूर्वजों की याद में मंदिर बनाते हैं। कम से कम लोग शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करें, इसके लिए हमने यह प्रयास किया है। इस सड़क से गुजरने वाले माताएं- बहनें, युवा साथी इन प्रतिमाओं को देखें और इनसे प्रेरणा लें। मैं चाहता हूं कि लोग इससे जुड़ें। लोग 1 रुपए देकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।


