अमृतसर में स्वतंत्रता दिवस पर श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने शुक्रवार को श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे श्रद्धालु श्री गुरु नानक देव जी के दर्शन कर सकेंगे। जत्थेदार ने बताया कि 14 और 15 अगस्त 1947 को पंजाब में बड़े पैमाने पर कत्लेआम हुआ था। इस दौरान करीब 10 लाख हिंदू, मुस्लिम और सिख मारे गए थे। विभाजन के बाद भी कई दिनों तक हिंसा जारी रही। फूट डालने वाली राजनीति ने पांच दरियाओं की धरती पंजाब को बांट दिया। श्री अकाल तख्त साहिब पर विभाजन में मारे गए निर्दोष लोगों के लिए लंबे समय से अरदास की जाती है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 14 अगस्त को श्री अखंड पाठ साहिब का प्रकाश किया गया है। इसका भोग 16 अगस्त को होगा। जत्थेदार ने लोगों से पाठ में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अरदास की जाएगी कि 1947 जैसी त्रासदी दोबारा न हो। अपने जान से प्यारे गुरु धामों से दूर-जत्थेदार
इस दौरान जत्थेदार ने कहा कि 1947 में जहां सरहद पार की उपजाऊ सरजमीं को छोड़ा वहीं अपने जान से प्यारे गुरु धामों से भी दूर हुए। फिर श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर करतारपुर कॉरिडोर को खोला गया, लेकिन कुछ समय पहले दोनों देशों के बीच हुए तनाव के बाद फिर से उसे बंद कर दिया गया। जिसका बेहद दर्द है और आज दोनों देशों की सरकारों से उम्मीद है कि उसे जल्द से जल्द खोला जाए। श्री गुरु नानक देव जी का ज्योति जोत समागम आ रहा है इसलिए तब तक इस कॉरिडोर को खोल दिया जाए ताकि लोग अपने गुरु साहिब के दर्शन कर सकें।


