79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुंगेली जिले में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह का समापन दृश्य सभी के लिए अविस्मरणीय बन गया, जब देशभक्ति गीतों की धुन पर जिले के कलेक्टर कुन्दन कुमार, एसपी भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय बच्चों के साथ झूम उठे। जैसे ही बच्चों ने “रंग दे बसंती चोला”, “जलवा तेरा जलवा” और “ये देश है वीर जवानों का” जैसे लोकप्रिय देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुति दी, वैसे ही माहौल में जोश और ऊर्जा का संचार हो गया। अधिकारी बच्चों के बीच देशभक्ति की धुनों पर थिरकते नजर आए। बच्चों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् के नारों से समूचे स्टेडियम को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। बच्चों के साथ झूमते कलेक्टर और एसपी को देख दर्शकों में उत्साह और आत्मीयता का माहौल बन गया। लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जो सोशल मीडिया पर भी खूब साझा किया जा रहा है। ध्वजारोहण से शुरू हुआ समारोह, परेड और सम्मान ने बढ़ाया गौरव इससे पहले सुबह 9 बजे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संदेश का वाचन किया गया, जिसमें राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का विवरण दिया गया। मुख्य अतिथि कलेक्टर कुन्दन कुमार और एसपी भोजराम पटेल के साथ शांति और खुशहाली के प्रतीक गुब्बारों को आसमान में उड़ाया गया। इसके बाद परेड कमांडर ख्रिस्ट नरगिस तिग्गा बघेल के नेतृत्व में 12 प्लाटूनों का आकर्षक मार्च पास्ट हुआ। शहीदों के परिजनों का सम्मान कार्यक्रम में जिले के वीर शहीदों के परिजनों को विधायक मोहले ने शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल ने प्रथम, लोरमी वनांचल क्षेत्र के छात्रों ने द्वितीय और करही स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 103 अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित और सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह में शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 103 अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं पूरे कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुति देकर स्कूली बच्चों ने समां बांधा। उत्सव बना यादगार कार्यक्रम का समापन कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों के बच्चों संग उत्साहपूर्वक झूमने के साथ हुआ, जिसने पूरे स्वतंत्रता दिवस समारोह को यादगार बना दिया। यह दृश्य न सिर्फ एक प्रशासनिक आयोजन था, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच आत्मीय जुड़ाव का एक प्रेरणादायी उदाहरण भी बन गया।


