छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने आज गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बस्तर, बीजापुर, सुकमा इन 10 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों में बिजली गिरने, बादल गरजने को लेकर यलो अलर्ट है। पिछले 36 घंटों में छत्तीसगढ़ के अधिकांश जगहों पर मध्यम वर्षा हुई है। बस्तर और रायपुर संभागों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हुई। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बना हुआ है। जिसके प्रभाव से अगले एक सप्ताह तक पूरे छत्तीसगढ़ के कई इलाकों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा हो सकती है। 1 अगस्त से 14 अगस्त के बीच 79 मिमी बारिश ओवर ऑल इस माह की बारिश की बात करें तो 1 से 14 अगस्त के बीच 179.7MM पानी बरसना चाहिए था, लेकिन अब तक केवल 79.6 MM ही पानी बरसा है। यानी सामान्य से लगभग 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 1 जून से अब तक 706 मिमी बरसा पानी 1 जून से अब तक प्रदेश में 706.7 मिमी बारिश हो चुकी है। बलरामपुर में सबसे ज़्यादा 1138.5 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा में सबसे कम 357.3 मिमी बारिश हुई है। जून से जुलाई के बीच 623.1 MM मिलीमीटर बारिश प्रदेश में 1 जून से 30 जुलाई तक कुल 623.1 MM मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 558MM के करीब बारिश का अनुमान लगाया था। यानी अनुमान से 12 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। वहीं सिर्फ जुलाई महीने की बात करें तो कुल 453.5 मिमी बारिश हुई है। पिछले 10 सालों में सिर्फ 2 बार ही जुलाई में बारिश का आंकड़ा 400MM पार हुआ है। 2023 में जुलाई माह में प्रदेश में सबसे ज्यादा 566.8MM पानी बरसा था। इससे पहले 2016 में 463.3MM पानी गिरा था। जानिए इसलिए गिरती है बिजली दरअसल, आसमान में विपरीत एनर्जी के बादल हवा से उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं। ये विपरीत दिशा में जाते हुए आपस में टकराते हैं। इससे होने वाले घर्षण से बिजली पैदा होती है और वह धरती पर गिरती है। आकाशीय बिजली पृथ्वी पर पहुंचने के बाद ऐसे माध्यम को तलाशती है जहां से वह गुजर सके। अगर यह आकाशीय बिजली, बिजली के खंभों के संपर्क में आती है तो वह उसके लिए कंडक्टर (संचालक) का काम करता है, लेकिन उस समय कोई व्यक्ति इसकी परिधि में आ जाता है तो वह उस चार्ज के लिए सबसे बढ़िया कंडक्टर का काम करता है। जयपुर में आमेर महल के वॉच टावर पर हुए हादसे में भी कुछ ऐसा ही हुआ। आकाशीय बिजली से जुड़े कुछ तथ्य जो आपके लिए जानना जरूरी आकाशीय बिजली से जुड़े मिथ


