कोंडागांव में नक्सली मुठभेड़ को कांग्रेस ने बताया फर्जी:कहा-पुलिस ने नक्सली बताकर युवक को मारी गोली,घायल युवक बोला-मुझे मत मारो फिर कर दी फायरिंग

कोंडागांव जिले के केशकाल क्षेत्र में 14 अगस्त की रात हुए नक्सली मुठभेड़ को कांग्रेस ने फर्जी करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि यह मुठभेड़ नहीं, बल्कि पुलिस की ज्यादती है, जिसमें एक निर्दोष ग्रामीण अभय नेताम को गोली मारी गई। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि घटना में कई विसंगतियां हैं। मोहन मरकाम शनिवार को पुलिस फायरिंग में घायल युवक अभय नेताम से मिलने कोंडागांव जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने घायल युवक से हालचाल जाना और उसके परिजनों से भी मुलाकात की। इधर, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और विधायक लता उसेंडी ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस का स्वभाव ही है कि अगर कोई काम उनकी सोच के मुताबिक नहीं होता, तो वे उसे अपनी हानि मान लेते हैं। लता उसेंडी ने कहा, जनाधार बढ़ाने की कोशिश में वे अक्सर बेबुनियाद और भटकाने वाले बयान देते रहते हैं। जहां तक इस घटना की बात है, पुलिस पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका स्पष्ट स्पष्टीकरण दे चुकी है। मरकाम बोले- पुलिस की मुठभेड़ की कहानी झूठी इसके बाद पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कोंडागांव में 14 अगस्त की रात हुए नक्सली मुठभेड़ को फर्जी बताया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह सिर्फ मुठभेड़ नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की गरिमा और न्याय से जुड़ा मामला है। मरकाम का आरोप है कि पुलिस की मुठभेड़ की कहानी झूठी और संदिग्ध है। मरकाम ने आरोप लगाया कि घटना के बाद घायल युवक और उसके परिवार पर चुप रहने का दबाव बनाया गया। परिजनों को समय पर सूचना भी नहीं दी गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर यह मुठभेड़ असली थी तो पुलिस अधीक्षक ने 24 घंटे तक मीडिया को जानकारी क्यों नहीं दी। कांग्रेस ने घायल अभय नेताम को एक करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। युवक के बड़े पापा ने मुठभेड़ से किया इनकार मोहन मरकाम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में घायल युवक के बड़े पापा विश्वनाथ नेताम भी मौजूद थे। उन्होंने भी घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शाम को कुछ लड़के एयरगन लेकर बाइक से नालाझार गए थे। वहां रोड पर बाइक को खड़ा कर नीचे उतरे, लेकिन वापस आकर देखा तो बाइक का वायर काट दिए थे। इसके बाद लड़के मोटरसाइकिल को धकेलते हुए चल रहे थे। इसके बाद जवान इधर-उधर से निकले तो लड़का बोला कि मुझे मत मारो, मैं नक्सली नहीं हूं। हाथ भी उठाया। फिर भी इन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। पांच राउंड फायरिंग की, लेकिन छठवीं गोली उसके जांघ में लग गई। इस दौरान उन्होंने किसी भी मुठभेड़ से इनकार किया है। उन्होंने कहा, ये सभी लड़के पढ़ने वाले हैं। फायरिंग में घायल युवक ने कहा, “मुझे मत मारो” इधर, पुलिस की फायरिंग में घायल आदिवासी युवक अभय नेताम ने बताया कि वे 14 अगस्त की रात करीब 9 बजे जंगल में शिकार करने गए थे। चार लोग एक बाइक से गए थे, लेकिन बारिश होने लगी, तो वे घर लौटने लगे। इसी दौरान कुछ जवान आए और रुकने को कहा, जिससे वे घबरा गए और छिप गए। उनके साथी आगे निकल गए। अभय ने बताया कि जवानों ने उनकी बाइक का प्लग निकाल दिया था। इसके बाद वे गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन नहीं हुआ तो फिर उसे धक्का देकर ले जा रहे थे, तभी अचानक फायरिंग शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि कम से कम पांच राउंड फायरिंग हुई, जिसमें एक गोली उसकी जांघ के पास लगी। अभय ने यह भी कहा कि जब पहली गोली चली तो उन्होंने चिल्लाकर कहा, “मुझे मत मारो”, लेकिन इसके बावजूद फायरिंग जारी रही। बाद में उन्हें अस्पताल लाया गया। नक्सलियों की मौजूदगी पर पहुंची थी पुलिस टीम वहीं कोंडागांव के एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन सतीश भार्गव का कहना है कि उन्हें थाना कन्हारगांव क्षेत्र के नालाझार गांव के पास नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम जब वहां पहुंची, तो रात करीब 10:30 बजे 10–12 नक्सलियों ने उन पर हमला कर दिया। नक्सली आधुनिक हथियारों से लैस थे और उनका मकसद पुलिस के हथियार लूटना था। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसके बाद नक्सली मौके से भाग गए। घटना स्थल से पुलिस ने दो भरमार बंदूकें, नक्सली साहित्य, बैग और दवाइयाँ बरामद की हैं। इस घटना में एक ग्रामीण घायल हो गया। उसे तुरंत बहेरम अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है। …………………………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें 29 नक्सलियों की मौत पर कांग्रेस को संदेह:कहा- जांच होनी चाहिए; गृहमंत्री का जवाब- जिन जवानों को गोली लगी वो क्या फर्जी हैं? छत्तीसगढ़ के कांकेर में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 29 नक्सलियों को मार गिराया है। इसे छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नक्सल एनकाउंटर बताया जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने इस पर संदेह जताते हुए जांच की मांग की है। पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि जो लोग शहीद हुए और कुछ हमारे सुरक्षाकर्मी घायल हुए, उनके प्रति हमारी संवेदनाएं हैं।

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