हरदा जिले के हंडिया थाना पुलिस ने मुद्रा लोन दिलाने का झांसा देकर 34 लाख रुपए की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों को दिल्ली से पकड़ा गया है। हालांकि, ठगी का मुख्य आरोपी आशिब शर्मा अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। हंडिया थाना प्रभारी अमित भावसार ने बताया कि ग्राम रेलवा निवासी जमनाप्रसाद पिता रामशंकर गौर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उन्होंने मुद्रा लोन के लिए गूगल पर सर्च किया था। जिस पर मिले एक नंबर पर संपर्क करने के बाद उन्हें अलग-अलग खातों में कुल 34 लाख रुपए जमा करने को कहा गया। रुपए जमा कराने के बावजूद उन्हें लोन नहीं मिला। पुलिस ने फरियादी से मिले अलग अलग मोबाइल नम्बरों एवं बैंक अकाउंट की साइबर सेल की मदद से खोजबीन की गई। लोकेशन ट्रेस करने पर आरोपियों के दिल्ली और महाराष्ट्र के सतारा जिले में होने की पुष्टि हुई। एसपी अभिनव चौकसे ने एक विशेष टीम बनाकर आरोपियों की तलाश के लिए भेजा। दिल्ली से पहला आरोपी गिरफ्तार टीम ने 18 दिसंबर को दिल्ली से संजीव (22) उर्फ विष्णु पिता मुनेश सिंह चौहान निवासी छिबरा महू, जिला कन्नौज, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथियों विकास और फैजान के साथ मिलकर फर्जी सिम और बैंक खाते बनवाता था। इन खातों को दिल्ली निवासी आशिब शर्मा को सौंपा जाता था, जो अपने कॉल सेंटर के जरिए लोगों को नौकरी और लोन का झांसा देकर ठगी करता था। कॉल सेंटर पर छापा मारकर दो आरोपी को गिरफ्तार किया पुलिस ने दिल्ली स्थित महावीर इकलेब कॉल सेंटर पर छापा मारकर आठ मॉनिटर, आठ सीपीयू, दो हेडफोन, आठ कीबोर्ड और अन्य सामान जब्त किया। पुलिस ने विकास पिता मोहरसिंह जाटव (22 वर्ष) और फैजान पिता नसरुद्दीन (19 वर्ष) को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों उत्तर प्रदेश के कन्नौज के छिबरा महू का रहने वाला है। वहीं, कॉल सेंटर का संचालक आशिब शर्मा पुलिस के आने की सूचना पाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।


