28 दिसंबर…दिन शनिवार…। सुबह के 9 बजकर 51 मिनट हो रहे थे। तभी नोएडा में रहने वाले अजय पांडेय के मोबाइल पर एक वॉट्सऐप कॉल आई। उन्होंने कॉल उठाई तो दूसरी तरफ एक महिला थी। उसने खुद को एक टेलिकॉम कंपनी का कर्मचारी बताया। बोली- दो घंटे बाद आपका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाएगा। आपके इस नंबर से 25 से 30 फ्रॉड हुए हैं। आपके खिलाफ वारंट है। अब आपका नंबर क्राइम ब्रांच मुंबई को ट्रांसफर किया जा रहा है। यह सुनते ही अजय पांडे शॉक्ड हो गए। वह फोन करने वाली महिला को समझाते रहे। लेकिन, उसने एक न सुनी और फोन कॉल ट्रांसफर कर दिया। वो इस एक फोन कॉल से डिजिटल अरेस्ट हो चुके थे। एक घंटा 12 मिनट तक डिजिटल अरेस्ट होने के बाद भी वो कैसे पत्नी की सावधानी से ठगी का शिकार होने से बचे? कैसे लाइव वीडियो बनाया और ऑडियो रिकॉर्ड किया? यह सब उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ शेयर किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले पढ़िए कैसे हुए डिजिटल अरेस्ट नोएडा के सेक्टर-71 में रहने वाले अजय पांडेय ठेकेदार हैं। उन्होंने बताया- मैं हर रोज की तरह सुबह चाय-नाश्ता करने के बाद ड्राइंग-रूम में बैठा था। इसी बीच मेरे पास एक वॉट्सऐप कॉल आई। दूसरी तरफ एक महिला थी। उसने बताया कि मेरे मोबाइल नंबर से फ्रॉड हुए हैं। महिला ने कहा कि अब आपका नंबर क्राइम ब्रांच, मुंबई को ट्रांसफर किया जा रहा है। मैं यह सुनकर घबरा गया। उससे कहा कि मैं 3-4 साल पहले मुंबई गया था। इसके बाद मैं वहां नहीं गया। मेरा नंबर 15 साल पुराना है। इस पर ऐसा कुछ नहीं है। कोई फ्रॉड नहीं हुआ है। लेकिन, उस महिला ने मेरी एक न सुनी और कॉल क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद मेरे मोबाइल पर वीडियो कॉल आई, जिसमें एक शख्स था। उसकी तस्वीर साफ नहीं थी। उसने मुझसे पूछा, कहां बैठे हो? मैंने उसे बताया कि मैं ड्राइंग-रूम में हूं। उसने कहा कि आपका स्टेटमेंट रिकॉर्ड होगा। मैडम स्टेटमेंट लेंगी। जब मैडम आपका स्टेटमेंट लेंगी, तभी कैमरा ऑन होगा। फोन करने वाली मैडम बोली- कमरा बंद है आपका, वीडियो पर दिखाइए
उस शख्स ने बताया कि यह हेडक्वार्टर से काल की जा रही है। कॉल के दौरान आपके पास कोई नहीं होगा, क्योंकि आपकी रिकॉर्डिंग कोर्ट में पेश ही जाएगी। इसलिए कोर्ट में ऐसा नहीं लगना चाहिए कि आपको कोई सिखा रहा था, समझ गए। आपका ध्यान कैमरे पर रहेगा। अंडरस्टैंड। इसके बाद सामने वाले ने कहा कि मैडम आइए, स्टेटमेंट ले लीजिए। उस मैडम ने मुझसे बोला- जिस कमरे में उसको बंद करो, कोई अंदर नहीं होना चाहिए। उसने कहा- वीडियो पर दिखाइए कि आपने कमरा बंद किया या नहीं। मैंने उसे वीडियो पर सब दिखाया। उसने मुझसे फोन साइलेंट करने को बोला। इसके बाद उस मैडम ने मेरा पूरा नाम-पता, पिता का नाम, उम्र, नौकरी, बैंक की जानकारी पूछी। आधार कार्ड का नंबर मांगा, तो मैंने उसे नंबर बता दिया। फिर उसने कहा कि मिस्टर पांडेय आपके नंबर से कई फ्रॉड हुए हैं। मुंबई में आपके खिलाफ अरेस्ट वारंट है। साथ ही आपके खाते और आधार नंबर से कई हजार करोड़ रुपए का मनी लॉन्ड्रिंग की गई है। इसके बाद मैं काफी डर गया। उन्होंने मुझसे खातों के बारे में जानकारी ली। मैंने उनको बताया कि मेरे खाते में महज कुछ हजार रुपए ही है, लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने मुझसे खाता नंबर और यूपीआई नंबर पूछा, वो मैंने नहीं बताया। पत्नी की वजह से बच गए
अजय पांडेय कॉल पर जब अपनी सफाई दे रहे थे, तो उनकी आवाज दूसरे कमरे में मौजूद पत्नी के कानों में पड़ी। वह ड्राइंग रूम में गईं तो देखा दरवाजा अंदर से बंद था। फिर उन्होंने खिड़की खोली और पति अजय से इशारों में पूछा कि क्या हुआ? क्या मामला है ? लेकिन, अजय ने कुछ नहीं बताया। उनकी पत्नी को शक हुआ, तो उन्होंने अपने बेटे को फोन किया। उसको बताया कि तेरे पापा के पास एक फोन कॉल आया है। वह बहुत देर से बात कर रहे हैं, बहुत तनाव में हैं। बार-बार कह रहे हैं कि उनके नंबर से कोई फ्रॉड नहीं हुआ है। मैंने पूछा तो कुछ बताया नहीं। इस पर उनके बेटे ने बताया कि यह फ्रॉड कॉल है। पापा से बोलो कि तुरंत फोन काट दें। बेटे ने मां से दरवाजा खोलने और फोन डिस्कनेक्ट करने के लिए कहा। इस पर मेरी पत्नी दूसरे कमरे से चिल्लाई कि बेटा कह रहा है, फ्रॉड कॉल है। इसे डिस्कनेक्ट कर दें। अजय बताते हैं कि इसके बाद मैंने तत्काल फोन काट दिया। फ्रॉड का पता चलते ही पत्नी को वीडियो बनाने के लिए कहा। इसके बाद मैंने साइबर सेल में शिकायत की। …………………………… ये खबर भी पढ़ें- प्रयागराज में 100 फीट ऊंचा टावर गिरा, 7 मजदूर जख्मी, 2 नीचे दबे, एक का पैर कटकर अलग प्रयागराज में 100 फीट ऊंचा हाईटेंशन लाइन का टावर गिर गया। हादसे में एक मजदूर का पैर कट कर दूर जा गिरा। 2 मजदूर टावर के नीचे दब गए। घटना में 4 अन्य मजदूर भी गंभीर घायल हुए हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद टावर के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकाल कर स्थानीय अस्पताल भेजा गया। जहां मजदूर सलीम की गंभीर हालत देखकर उसे एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया है। घटना शनिवार दोपहर करीब 2 बजे गंगापार के सरायइनायत थाना क्षेत्र के सहसों इलाके की है। रिंग रोड निर्माण कार्य के चलते पुराने टावरों को हटाकर नए टावर लगाए जा रहे हैं। 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन बदली जा रही है। रेहंडम के तार को भी नए टावरों में लगाकर ऊंचा किया जा रहा है। आज दोपहर मशीन के माध्यम से मजदूर ब्रिज टावर पर तार खींच रहे थे। तभी तार टूट गया और अचानक टावर गिर गया। पढ़ें पूरी खबर


