धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड स्थित पोखरिया आश्रम में सोमवार को दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में श्राद्ध भोज का आयोजन किया गया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र नाथ महतो और पेयजल एवं मद्य निषेध मंत्री योगेन्द्र प्रसाद महतो मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन टुंडी विधायक मथुरा महतो और झामुमो कमेटी द्वारा किया गया था। इसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और पार्टी नेता शामिल हुए। आश्रम भवन का उद्घाटन और प्रतिमा अनावरण श्राद्ध भोज के साथ-साथ नए आश्रम भवन का भी उद्घाटन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री ने मिलकर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा का अनावरण किया और श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम स्थल पर गुरुजी के पुराने साथियों को भी सम्मानित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने शॉल ओढ़ाकर उन्हें सम्मान दिया और गुरुजी के योगदान को याद किया। शिबू सोरेन और पोखरिया आश्रम का संबंध पोखरिया आश्रम शिबू सोरेन के राजनीतिक जीवन का एक अहम केंद्र रहा है। 70 के दशक में इसी आश्रम से उन्होंने झारखंड आंदोलन की शुरुआत की थी। लंबे समय तक वे यहीं रहकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का संचालन करते रहे। यही कारण है कि यह आश्रम झारखंड की राजनीतिक धरोहर के रूप में देखा जाता है। मंत्री और स्पीकर ने किया पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष और मंत्री ने आश्रम परिसर में पौधारोपण भी किया। मंत्री योगेन्द्र प्रसाद महतो ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने आश्रम और पूरे इलाके के चरणबद्ध विकास का आश्वासन दिया। गुरुजी के आदर्शों पर चलने का संकल्प श्राद्ध भोज में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुजी के आदर्शों और उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड की पहचान और अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।


