सवाल- आपके पास 10 विभाग, मंत्रिमंडल में 4 पद खाली, विस्तार कब? सीएम: वन विभाग अभी मेरे पास ही, विस्तार जब होगा… पता चल जाएगा प्रदेश में तबादलों से प्रतिबंध कब हटेगा? निगम-मंडलों में नियुक्तियां कब होंगी? रामनिवास रावत के चुनाव हारने और मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद क्या मंत्रिमंडल का विस्तार होगा? भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान क्यों अटक रहा है? ऐसे कई जरूरी सवालों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को दैनिक भास्कर के साथ न केवल खुलकर बात की, बल्कि अपने कार्यकाल के किए गए कामों का भी जिक्र किया। शुक्रवार को डॉ. यादव को मुख्यमंत्री बने एक साल होने वाले हैं। पेश हैं बातचीत के संपादित अंश…। Q. एक साल की सबसे बड़ी उपल्ब्धि किसे मानते हैं?
सीएम : सबसे बड़ी उपलब्धि दो नदी जोड़ो परियोजना है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल प्रोजेक्ट और केन-बेतवा नदी परियोजना में पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हम दो राज्यों से एमओयू करके आगे बढ़ रहे। 17 हजार करोड़ पीएम ने दिए हैं। मप्र विश्व की पहली राज्य इकाई होगी, जो नदी जोड़ो परियोजना को पूरा करेगी। राजस्थान से 20 साल से संघर्ष चल रहा था। हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट सब हो गया। हमने इसे मिलकर सुझलाया। इससे 11 जिलों को फायदा होगा। आगर-मालवा, बुंदेलखंड को इससे काफी फायदा होगा। हमारी साढ़े आठ लाख एकड़ जमीन सिंचित होगी। पैकेज से ही नहीं, पानी से काम चलेगा। सवाल- भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान कब आएगा? मास्टर प्लान का ड्राफ्ट बन रहा, भोपाल को अब हाईराइज की तरफ जाना होगा Q. आप इन्वेर्स्ट समिट कर रहे। सभी को मिलाएं तो शायद ही कहीं एक साल में इतने निवेश का दावा आया। ये जमीन पर कब उतरेगा?
सीएम : ये हमारा बड़ा प्रयोग है जो जमीन पर उतरने लगा। उज्जैन व सागर के समिट में हम पिछले समिट का भूमिपूजन और लोकार्पण भी कर रहे हैं। हम तो अलॉटमेंट लेटर दे रहे हैं। संभाग स्तर पर समिट जनवरी में पूरी होगी। फरवरी में भोपाल में ग्लोबल समिट करेंगे। इसमें सभी प्रकार के उद्योगों को बढ़ावा दे रहे। Q. विजयपुर में मंत्री हार गए। कैबिनेट में पद भी खाली हैं। मंत्रिमंडल विस्तार कब तक होगा?
सीएम : केंद्र सरकार से मार्गदर्शन लेते हैं। जैसा हमारा नेतृत्व मागदर्शन करता है, हम निर्णय करते हैं। पद किसी को देने की जल्दी नहीं कर रहे। हमारे पास ही वन विभाग रहेगा। अगर कोई फैसला लेंगे तो पता चल जाएगा। Q. आपके पास पहले से 10 विभाग हैं। क्या मंत्री इस काबिल नहीं कि उन्हें ये विभाग दिए जाएं?
सीएम : हमारा केंद्रीय मार्गदर्शन मंडल है। केंद्र सरकार के साथ तालमेल है। केंद्रीय नेता हैं, हमने उनके परामर्श से ही चलने की आदत डाली है। ये ही हमारी पारिवारिक परंपरा है। वह जैसा परामर्श देंगे, हम वैसा करेंगे। सवाल- निगम-मंडलों में नियुक्ति कब, तबादलों से रोक कब हटेगी? राजनीतिक नियुक्तियां संगठन चुनाव के बाद… तबादले मार्च के बाद खुलेंगे Q. भोपाल-इंदौर का मास्टर प्लान क्यों अटका है?
सीएम : अफसरों से कहा है कि वह ड्राफ्ट बनाएं, हम तुरंत लागू करेंगे। हमने दुनिया के मास्टर प्लान से सीख लेने के लिए कहा है। अब भोपाल को हाईराइज की तरफ जाना होगा। उज्जैन में 10 साल पहले हाईराइज बन गया, भोपाल में अब तक नहीं। Q. आप उज्जैन के हैं। आरोप लगता है कि आपका पूरा फोकस वहीं होता है?
सीएम : गलत आरोप हैं। हम मेट्रोपॉलिटन सिटी इंदौर को बना रहे हैं। पूरे प्रदेश में इन्वेर्स्ट समिट हो रही। विश्व के 4 बड़े मेलों में सिंहस्थ है। कुंभ में 15 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने का अनुमान है। क्या उसकी तैयारी नहीं करेंगे? हम हरिद्वार की तर्ज पर स्थायी निर्माण करेंगे। Q. निगम-मंडलों में नियुक्तियां कब?
सीएम : निगम-मंडल तो 40-50 हैं। दस हजार दीनदयाल समितियों जैसी संस्थाओं में नियुक्तियां हो रही हैं। भाजपा के संगठन चुनाव के बाद निगम-मंडलों में भी नियुक्तियां करेंगे। Q. तबादलों पर रोक कब तक हटाएंगे?
सीएम : मंत्रिमंडल में सुझाव आया था कि अभी परीक्षा है। इसलिए तत्काल तबादलों पर से रोक नहीं हटाई जानी चाहिए। मार्च के बाद ही रोक हटाई जाएगी। इसके पहले जो जरूरी तबादले होंगे, वह कोआर्डिनेशन कमेटी के जरिए होंगे। – Q. अफसरों के ट्रांसफर बार-बार क्यों होते हैं?
सीएम : ऐसा नहीं है। एक धारणा गढ़ी जा रही है। काम और जरूरत के अनुसार जरूरी तबादले ही हुए हैं। अभी तो हमने तबादलों से रोक हटाई ही नहीं। Q. अब अगले एक साल का आपका सबसे प्रमुख टार्गेट होगा?
सीएम : राज्य परिवहन निगम को लागू करना है। इसके साथ 50 से अधिक मेडिकल कॉलेज शुरू करना। नेशनल डेवलपमेंट बोर्ड को साथ जोड़ना, सिंहस्थ में स्थायी निर्माण की शुरुआत करना। Q. और रोजगार पर आपका क्या लक्ष्य?
सीएम : चार लाख युवाओं को रोजगार तो सिर्फ 6 इन्वेर्स्ट समिट से मिलेगा। अभी तो ग्लोबल समिट बाकी है।


