रायपुर। सूदखोरी, वसूली, ब्लैकमेलिंग मामले में फरार वांटेड वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर की संपत्ति कुर्क की प्रक्रिया कलेक्टर ने शुरू कर दी है। दोनों भाइयों के नाम पर भाठागांव और खमतराई में 4 प्रापर्टी मिली है। 2016-17 में इसे 1.31 करोड़ में खरीदा था। जानकारों के मुताबिक अब इनकी कीमत 3 करोड़ से ज्यादा है। पुलिस ने जमीन को चिन्हित कर उसकी कुर्की के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने पुलिस की अर्जी स्वीकार कर लिया और आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को प्रतिवेदन दिया है। पुलिस ने बताया कि वीरेंद्र तोमर के नाम पर भाठागांव में उसके मकान के ठीक सामने 1500 वर्ग फीट खाली जमीन है, जिसकी कीमत 38 लाख से ज्यादा की है। खमतराई इलाके में भी प्राइम लोकेशन पर वीरेंद्र की 3000-3000 वर्ग फीट की खाली जमीन है। दोनों जमीन की कीमत 90 लाख से ज्यादा की है। जबकि रोहित के नाम पर मकान से लगी 1500 वर्ग फीट की जमीन है, जिसमें उसने ऑफिस बनाया था। इसे निगम ने तोड़ दिया है। इस जमीन की कीमत 38 लाख से ज्यादा की है। पुलिस ने चारों प्रॉपर्टी की जानकारी निकालकर कुर्की के लिए कोर्ट में प्रतिवेदन पेश किया है। क्योंकि दोनों भाई जांच में पुलिस का सहयोग नहीं कर रहे हैं। कई बार नोटिस देने के बाद भी बयान के लिए नहीं आए। दोनों भाइयों को 18 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन नहीं पहुंचे। दोनों भाइयों ने 2016-17 में खरीदे ये 4 महंगे प्लॉट अवैध आय से खरीदी गई संपत्ति भी होगी कुर्क पुलिस ने बताया कि अभी फरारी की वजह से दोनों भाइयों की संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है। उनकी अवैध आय से भी खरीदी गई संपत्ति को कुर्क किया जाएगा। इसकी जांच चल रही है। इसमें अचल संपत्ति के अलावा कैश, जेवर और गाड़ियां शामिल हैं। ये जानकारी निकाली जा रही है कि आरोपियों ने सूदखोरी शुरू करने के बाद कितने की और कहां प्रॉपर्टी खरीदी है। सूदखोरी के अलावा आय का जरिया और क्या-क्या है। क्योंकि कई लोगों ने शिकायत की है कि पैसा नहीं लौटाने पर दोनों भाइयों ने उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया है। जबरदस्ती रजिस्ट्री कराकर अपने नाम कर लिया है। हाईकोर्ट ने एसपी से मांगी क्रिमिनल हिस्ट्री रायपुर के तोमर बंधुओं ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिकाएं लगाई हैं। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने रायपुर के एसपी से शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा है। रायपुर के रोहित, वीरेंद्र तोमर ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिकाएं लगाई हैं। इसमें बताया कि उनके खिलाफ एक ही मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस उन्हें परेशान कर रही है। वहीं, राज्य सरकार की तरफ से बताया गया कि उनके खिलाफ दस आपराधिक प्रकरण पहले से लंबित हैं। वे गुंडा एक्ट में भी संलिप्त रहे हैं। वर्तमान मामले में निचली अदालत ने गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। इसके बाद हाई कोर्ट ने रायपुर के पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने को कहा है। इसमें आवेदक का आपराधिक इतिहास और उसके खिलाफ लंबित मामलों का पूरा ब्यौरा देना होगा।


