ट्रम्प ने वेनेजुएला के पास 3 वॉरशिप भेजे:ड्रग्स माफिया से निपटना मकसद, वेनेजुएला ने जवाब में 45 लाख लड़ाके तैनात किए, कहा- अमेरिका पागल हुआ

ट्रम्प प्रशासन ने वेनेजुएला के पास तीन वॅारशिप तैनात भेजे है। वॅारशिप अगले कुछ घंटों में वेनेजुएला के तट पर पहुंच जाएंगे। रॉयटर्स के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन ने सोमवार को कहा था कि ये तैनाती ड्रग कार्टेल्स (ड्रग्स की तस्करी करने वाले ग्रुप्स) और इससे जुड़ी हिंसा को रोकने के लिए किया जा रहा है। ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि वेनेजुएला की सरकार ड्रग तस्करी को बढ़ावा दे रही है। वहीं, वेनेजुएला ने अमेरिका के इन आरोपों को खारिज किया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार को वॅारशिप तैनाती के खिलाफ 45 लाख सैनिकों को तैनात करने का ऐलान किया है। कौन से युद्धपोत भेजे जा रहे हैं? अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, USS ग्रेवली, USS जेसन डनहम और USS सैम्पसन नाम के तीन एजिस गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर वॅारशिप जल्द ही वेनेजुएला के तट पर पहुंचेंगे। तीनों वॅारशिप हवा, समुद्र, और पनडुब्बी हमलों से रक्षा करने में माहिर है। इनके साथ 4,000 मरीन, P-8A पोसाइडन निगरानी विमान, और एक हमलावर पनडुब्बी भी शामिल है। यह अगले कुछ महीनों तक इस इलाके में ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान में शामिल रहेंगे। वेनेजुएला के विदेश मंत्री बोले- वो हमे नहीं झुका सकते वेनेजुएला के विदेश मंत्री यवान गिल ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘अमेरिका का वेनेजुएला पर ड्रग तस्करी का आरोप उसकी विश्वसनीयता की कमी को दिखाता है।’ गिल बोले, ‘हम शांति और संप्रभुता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अमेरिका की हर धमकी यह साबित करती है कि वह एक स्वतंत्र देश को झुका नहीं सकता।’ वेनेजुएला के राष्ट्रपति पर 435 करोड़ रुपए का इनाम अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करों में से एक बताया था। ट्रम्प प्रशासन ने 8 अगस्त को मादुरो की गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि को बढ़ाकर 435 करोड़ रूपए कर दिया था। अमेरिका का आरोप है कि मादुरो ड्रग माफिया के साथ मिलकर अमेरिका में फेंटानिल मिश्रित कोकेन की तस्करी कर रहा है। मादुरो पर 2020 में न्यूयॉर्क की एक अदालत में नार्को-आतंकवाद और कोकेन तस्करी के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। उस समय अमेरिका ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 130 करोड़ रुपए का इनाम रखा था। बाद में इसे बढ़ाकर 217 करोड़ रुपए कर दिया गया था। ट्रम्प का ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त रुख राष्ट्रपति ट्रम्प ने ड्रग माफिया को अमेरिका के लिए बड़ा खतरा बताया है। उनका कहना है कि ये गिरोह न केवल अमेरिका में फेंटानिल और दूसरी नशीली दवाओं की तस्करी कर रहे हैं, बल्कि कई शहरों में हिंसा को भी बढ़ावा दे रहे हैं। ट्रम्प ने मेक्सिको की नई राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम से भी ड्रग माफिया के खिलाफ और सख्ती बरतने को कहा है। हालांकि, मेक्सिको ने साफ कर दिया है कि वह अपने देश की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं करेगा और अमेरिकी सेना के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। ड्रग्स तस्कर गिरोहों को आतंकी संगठन घोषित किया ट्रम्प प्रशासन ने फरवरी,2025 में वेनेजुएला के ट्रेन डी अरागुआ, अल सल्वाडोर के MS-13 और मेक्सिको के छह ड्रग कार्टेल्स को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। आमतौर पर यह दर्जा अल-कायदा या इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठनों के लिए होता है, लेकिन ट्रम्प प्रशासन ने कहा कि ये गिरोह ड्रग तस्करी, मानव तस्करी और हिंसा के जरिए इतना बड़ा नुकसान पहुंचा रहे हैं कि इन्हें आतंकी संगठन माना जाना चाहिए। —————————————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका बोला-भारत पर प्रतिबंध का मकसद रूस पर दबाव बनाना: इससे यूक्रेन जंग रोकने में मदद मिलेगी, भारत पर अब तक 50% टैरिफ लगाया अमेरिका ने रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लीविट ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। इससे पहले तक ट्रम्प प्रशासन रूस से तेल लेने पर भारत के खिलाफ की गई आर्थिक कार्रवाई को पैनल्टी या टैरिफ बताता रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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