मेडिकल कॉलेज में 80 सीट का हॉस्टल, जरूरत 1000 की:विरोध देख अब फर्स्ट ईयर के 200 छात्रों के लिए सर्वसुविधायुक्त मकान खोज रहा प्रबंधन

स्वास्थ्य संचालनालय, विश्राम गृह, फुंडहर के भवन के बाद अब छात्रों के हॉस्टल के लिए मंगाया गया प्रस्ताव, 1 सितंबर तक मांगा गया प्रस्ताव पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के 200 नवप्रवेशित छात्रों के लिए कॉलेज प्रबंधन ​किराए के मकान की तलाश कर रहा है। दरअसल, यहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यहां पूर्व में स्थित हॉस्टल में केवल 80 छात्रों के रहने की व्यवस्था है, जबकि जरूरत 1000 सीटर हॉस्टल की है। इसे देखते हुए टैगोर नगर स्थित विधायक विश्राम गृह को हॉस्टल बनाने की योजना थी। जून में वार्डन की टीम ने विधायक विश्राम गृह का निरीक्षण भी कर लिया था, लेकिन शासन ने अब देने से मना कर दिया है। यह कॉलेज से करीब 8 किमी दूर है। अब कॉलेज प्रबंधन कॉलेज के आसपास किराए का मकान खोज रहा है। इसके लिए बुधवार को जरूरी सूचना जारी की गई। इसमें 200 छात्रों के लिए सर्वसुविधायुक्त मकान की तलाश है। 1 सितंबर तक प्रस्ताव मांगा गया है। अभी एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्रों के पहले राउंड का एडमिशन चल रहा है और 139 छात्रों का प्रवेश भी हो गया है। गौरतलब है कि, कॉलेज प्रबंधन पिछले एक साल से सर्वसुविधायुक्त मकान की तलाश में है। लेकिन अब तक मकान मिल नहीं पाया है। स्वास्थ्य संचालनालय के लिए बना था प्रस्ताव
छात्रों को हॉस्टल की सुविधा देने पुराने स्वास्थ्य संचालनालय को हॉस्टल बनाने की योजना थी, लेकिन यहां भी तहसील कार्यालय शिफ्ट कर दिया गया है। इसके चलते यहां भी छात्रों को नहीं रखा जा सकता। डीएमई कार्यालय ढाई साल पहले नवा रायपुर शिफ्ट हो गया था। वहीं आयुष्मान भारत योजना की स्टेट नोडल एजेंसी कार्यालय भी सालभर पहले नवा रायपुर शिफ्ट की गई है। इस कार्यालय में 20 के आसपास बड़े कमरे हैं, जो छात्रों के रहने के लिए लगभग पर्याप्त थे। जब डीएमई कार्यालय शिफ्ट हुआ, तब इसे हॉस्टल बनाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन यह अधूरी ही रह गई। 1 हजार छात्र कर रहे हॉस्टल का इंतजार
फिलहाल कॉलेज प्रबंधन फर्स्ट ईयर के छात्रों के लिए ही मकान की तलाश कर रहा है। लेकिन अभी हॉस्टल नहीं होने के कारण कॉलेज के आसपास 1 हजार से ज्यादा छात्र हॉस्टल के इंतजार में हैं। इनमें फर्स्ट, सेकंड, थर्ड और फोर्थ ईयर के भी छात्र हैं। इनके लिए अभी कॉलेज में बने हॉस्टल में जगह नहीं है। इसके चलते ये कॉलेज के आसपास किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं। सभी छात्र 5 से 8 हजार तक किराया दे रहे हैं। बस के लिए पर्याप्त चौड़ी सड़क होनी चाहिए
{ 5 विद्यार्थियों के अनुपात में 1 बाथरूम – टायलेट होना चाहिए। { 50 विद्यार्थियों पर कम से कम 1 विजिटर रूम का होना जरूरी। { प्रति छात्र कमरे में एक पंखा होना चाहिए। { लाईट, पंखे, दरवाजा, खिड़की खराब होने पर 24 घंटे में ठीक या बदलना होगा। { 50 सीटर बस के आने-जाने के लिए सड़क की पर्याप्त चौड़ाई होनी चाहिए। { कॉमन रूम और स्टडी रूम अवश्य होना चाहिए। { विद्यार्थियों के वाहनों के पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी। छात्रों के लिए बेहतर व्यवस्था कर रहे
^ छात्रों के लिए सर्वसुविधायुक्त मकान के लिए प्रस्ताव मंगाए गए हैं, जो भी भवन अच्छा होगा, वही छात्रों के लिए लिया जाएगा। अगर हॉस्टल दूर होगा तो बस की व्यवस्था करेंगे। कैंपस में हॉस्टल बनाने शासन को प्रस्ताव गया है।
डॉ. विवेक चौधरी,डीन, मेडिकल कॉलेज

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *