नक्सलियों ने तिरंगा फहराने पर युवक को मार-डाला, VIDEO:जन अदालत लगाई, गला घोंटा, सरपंच को धमकाया; 15 अगस्त को स्मारक पर ध्वजारोहण किया था

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्कूल परिसर में बने नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराने पर युवक को नक्सलियों ने मार डाला। जनअदालत में उसे मौत की सजा सुनाई गई। नक्सलियों ने युवक पर पुलिस मुखबिरी का भी आरोप लगाया। वहीं गुरुवार को युवक के तिरंगा फहराने का वीडियो सामने आया था। यह मामला परतापुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, मुनेष नुरूटी (25) ग्राम बिनागुंडा का रहने वाला था। 15 अगस्त को उसने ग्रामीणों के साथ नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराया था। 16 अगस्त को नक्सलियों ने जनअदालत में उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। 19 अगस्त को बैनर लगाकर मुखबिरी की बात कही थी। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा घटनाक्रम मुनेष नुरूटी जवाहर नवोदय विद्यालय नारायणपुर से इसी साल कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। 15 अगस्त के दिन नक्सली स्मारक पर मुनेष ने झंडा फहराया और उसके बड़े भाई रैनू नुरूटी ने घटना का वीडियो बनाया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद 16 अगस्त का नक्सली गांव पहुंचे। फिर दोनों भाइयों को गांव से बाहर ले गए। इसके बाद उन्होंने मैनू नुरूटी को छोड़ दिया, जबकि मुनेष की हत्या कर दी। लाश को घटनास्थल पर ही फेंक दिया। जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को गांव लाया और पुलिस को सूचना दिए बिना गांव में ही दफन कर दिया। इस घटना के तीसरे दिन 19 अगस्त को नक्सलियों ने ग्राम संगम के पास बैनर लगाकर युवक की हत्या की जिम्मेदारी लेकर उस पर पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाया था। बैनर लगाकर सरपंच को भी धमकाया नक्सलियों ने बैनर में लिखा कि सरपंच रामजी धुर्वा ने डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) जवानों और टीआई के साथ मिलकर कई लोगों को अपने साथ जोड़ा। उन्होंने इलाके की गुप्त सूचना देकर मुठभेड़ करवाई। बिनागुंडा मुठभेड़ के लिए बैजू नरेटी को जिम्मेदार ठहराते हुए नक्सलियों ने उसे भी धमकी दी है। SP आई के एलिसेला ने बताया कि मुनेष नुरूटी की हत्या की गई है, जिसे लेकर नक्सलियों ने बैनर लगाया है। हत्या की वजह मुखबिरी बताया गया है। साथ ही स्कूल में झंडा फहराने का वीडियो भी सामने आया है। तिरंगा फहराने की वजह से भी हत्या की बात कही जा रही है। फिलहाल, इसकी जांच की जा रही है। 16 अप्रैल को 29 नक्सली मारे गए थे नक्सलियों ने बैनर में बिनागुंडा मुठभेड़ का जिक्र किया है। बता दें कि 16 अप्रैल 2024 को बिनागुंडा इलाके में सुरक्षा बलों ने 29 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें खूंखार नक्सली नेता शंकर राव भी शामिल था। इसके बाद क्षेत्र में कई मुठभेड़ें हुईं और नक्सली वहां से भाग गए थे। अब नक्सलियों ने फिर से अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। 2 महीने पहले बीजापुर में ग्रामीणों की हत्या 2 महीने पहले बीजापुर जिले में नक्सलियों ने 2 ग्रामीणों की हत्या कर दी। इनमें एक सरेंडर नक्सली भी शामिल था। नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक पर इनकी जान ली है। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है। मृतकों का नाम समैय्या और वेको देवा है। समैय्या पहले नक्सली था। उसने 2025 में आत्मसमर्पण किया था। वहीं वेको देवा ग्रामीण है। दोनों नक्सल प्रभावित गांव सेंड्राबोर और एमपुर के रहने वाले थे। इसके बाद बीजापुर में ही नक्सलियों ने धारदार हथियार से एक युवक की हत्या कर दी थी। बड़ी संख्या में हथियारबंद नक्सली पहुंचे थे। घर से किडनैप कर वारदात को अंजाम दिया है। शव गांव के बाहर ही फेंककर भाग गए थे। मामला उसूर थाना क्षेत्र के पेरमपल्ली गांव का है। 25 साल में 1820 से ज्यादा हत्याएं बता दें कि, नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से लेकर अब तक यानी पिछले 25 सालों में बस्तर के अलग-अलग जिलों में 1820 से ज्यादा लोगों की हत्या हुई है। इनमें आम नागरिक समेत जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा हत्या बीजापुर जिले में ही हुई है। बेहद अंदरूनी गांव बीनागुंडा निवासी मुनेष नुरूटी ने गांव के बच्चों व कुछ ग्रामीणों के साथ गांव में ही नक्सलियों के स्मारक पर 15 अगस्त को तिरंगा फहराते हर्षोल्लास से स्वतंत्रता दिवस मनाया था। इस दौरान उनके बड़े भाई रैनू नुरूटी ने पूरे कार्यक्रम का वीडियो भी बनाया। …………………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नक्सलियों ने 2 ग्रामीणों को किडनैप कर मार डाला: इनमें एक सरेंडर नक्सली भी, कहा-पुलिस के मुखबिर थे; बीजापुर में 7 दिन में 5 हत्याएं छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने शनिवार देर रात 2 ग्रामीणों की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि इनमें एक सरेंडर नक्सली भी शामिल है। नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक पर इनकी जान ली है। मामला पामेड़ थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…

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