सरकार का टैक्स कलेक्शन पर फोकस, वसूली में तेजी लाने का निर्देश

राज्य सरकार ने राजस्व वसूली करनेवाले अपने विभागों को टैक्स कलेक्शन की गति तेज करने का निर्देश दिया है। इनमें से 6 प्रमुख विभागों ने आठ महीने के दौरान (नवंबर तक) करीब 50 प्रतिशत राशि ही वसूली की है। विभागों को हर हाल में वित्तीय वर्ष के अंत तक लक्ष्य हासिल करने को कहा गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए वाणिज्य कर, खान एवं भूतत्व, उत्पाद, परिवहन, निबंधन और भू-राजस्व विभाग के लिए 49,700 करोड़ रुपए राजस्व वसूली का लक्ष्य है। नवंबर तक लगभग 25,000 करोड़ रुपए की ही वसूली हुई है। 31 अक्टूबर तक 22,297 करोड़ की वसूली हुई थी, जो 44.86 % के करीब है। इस स्थिति को देखकर राज्य सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए रेस हुई है। वित्त विभाग के विशेष सचिव अमित कुमार की अध्यक्षता में अगले सप्ताह राज्य की आय में बढ़ोतरी और नए साधन स्रोत के लिए विशेष समिति की बैठक होगी। चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व वसूली तेज करने के लिए यह समिति हर 15 दिनों पर बैठक करेगी। जिसमें खान निदेशक, वाणिज्य कर आयुक्त, संयुक्त परिवहन आयुक्त, भू-अर्जन निदेशक, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव और महाधिवक्ता के प्रतिनिधि भी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। विशेष समिति को आय में बढ़ोतरी के लिए साधन स्रोत, खनन क्षेत्र में लागू पुरानी करों में वृद्धि व न्यायिक मामलों में लंबित वसूली में तेजी लाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने का दायित्व दिया गया है। समिति राजस्व संग्रहण में तेजी लाने के लिए नए स्रोतों को भी तलाशेगी। बहरहाल, राज्य की वित्तीय स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 का मूल बजट 1 लाख 28 हजार 900 करोड़ रुपए का है। 30 नवंबर तक करीब 62 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। खजाने में 10 हजार करोड़ रुपए से भी कम है। इस स्थिति में सरकार के लिए राज्य को विकास की पटरी पर आगे बढ़ाने और चुनाव के दौरान किए घोषणाओं को पूरा करने में संतुलन बनाना है। मंईंया और अन्य कई नई योजनाओं के खर्च के लिए दूसरे विभागों से राशि सरेंडर कराकर तीन माह के खर्च का इंतजाम किया गया है। राज्य के वित्तीय हालात को सुधारने और विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाना सरकार के लिए चुनौती की तरह है। जरूरत पड़ी तो ऋ ण ले सकती है सरकार एक सकारात्मक बात यह है कि इस वर्ष एक अप्रैल को राज्य पर कुल ऋण करीब 90,000 करोड़ रुपए था। पिछले वित्तीय वर्ष में झारखंड ने कोई कर्ज नहीं लिया बल्कि 2505 करोड़ रुपए अपना कर्ज उतारा। ऋण लेन्े की सीमा पार नहीं की। चालू वित्तीय वर्ष में 18,000 करोड़ तक बाजार ऋण लेने की सीमा है। राज्य में राजस्व वसूली की स्थिति विभाग वार्षिक लक्ष्य वसूली वाणिज्य कर 26,000 12,541 खान एवं भूतत्व 15,500 6,244 उत्पाद 2,700 1,443 परिवहन 2,350 10,79 निबंधन 1,450 772 भूराजस्व 1,700 218 कुल 49,700 22,297 नोट : राशि करोड़ में व अक्टूबर तक 44.86 प्रतिशत वसूली हुई है। मुख्यमंत्री ने को-ऑर्डिनेशन बनाकर काम करने को कहा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2 दिसंबर को विभागीय प्रधानों के साथ हुई बैठक में राजस्व प्रबंधन को मजबूत बनाने का निर्देश दिया था। कहा था कि सभी विभाग राजस्व संग्रहण का एक्शन प्लान बनाएं। इस बार विभागों के बीच को-ऑर्डिनेशन नहीं होने से राजस्व संग्रहण की गति धीमी हो गई है और लक्ष्य के हिसाब से राजस्व संग्रहण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर राजस्व संग्रहण का काम करें।

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