भास्कर न्यूज | बालोद किन्नर जिन्दगी पर केन्द्रित कार्यक्रम नाट्य संगठन महाराष्ट्र मंडल रंगभूमि ने वृंदावन हाल रायपुर में किया। कार्यक्रम में किन्नर समुदाय की व्यथा जन सामान्य तक लाने एवं उन्हें समाज की मुख्य धारा में शामिल करने जन जागरुकता के संदेश के साथ नाटक, गीत कविता एवं नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में किन्नर जिन्दगी पर किन्नर व्यथा नामक साहित्य लेखन करने वाले बालोद जिले के साहित्यकार डॉ. अशोक आकाश को साहित्य पुरोधा सम्मान से सम्मानित किया गया। डॉ. आकाश की साहित्यिक अवदान का वाचन कार्यक्रम संयोजक सुप्रसिद्ध रंग साधक आचार्य रंजन मोड़क ने किया। बालोद के निकटस्थ ग्राम कोहंगाटोला निवासी डॉ. अशोक आकाश लिखित किन्नर व्यथा किन्नरों की उपेक्षित जिन्दगी पर लिखित साहित्य है, जिसे डॉ.विनय कुमार पाठक ने अपने शोध ग्रंथ लैंगिक विकलॉंग विमर्श दशा एवं दिशा में प्रकाशित किया है, जो विश्वविद्यालयों में पीएचडी करने वाले शोधार्थियों द्वारा पठन किया जा रहा है। कार्यक्रम में भरत वेद बिलासपुर द्वारा लिखित शिखंडी नाटक का मंचन लोकेश साहू के निर्देशन में किया गया। जिसमें वर्तमान परिदृश्य में किन्नरों की व्यथा प्रदर्शित करते कारुण्य भाव के साथ सामाजिक बदलाव का संदेश प्रसारित कर किन्नरों के प्रति भेदभाव का चित्रण किया गया। नाट्य रुपांतरण कर प्रदर्शन किया गया किन्नर नेत्री विद्या राजपूत एवं निशा देशमुख लिखित कविता का नाट्य रुपांतरण कर प्रदर्शन किया गया। नाटक के लेखक भरत वेद, किन्नर साध्वी सौम्या, किन्नर नेत्री विद्या राजपूत, पंडित रुपेश , नूतन रिज़वी सम्मानित किए गए। रुपेश महराज, रवीना बरीहा, गीता दलाल, श्याम सुंदर खंगन, सुकृत गनोदवाले, सचेतक रवींद्र ठेंगड़ी, शशि वरवंडकर, फिल्म अभिनेता पुष्पेंद्र सिंह, पॉपी देबनाथ, गोविंद सांदेकर, रंगकर्मी डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर, आकाशवाणी उद्घोषक ऋषभ देव उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक आचार्य रंजन मोड़क ने आभार प्रदर्शन किया।


