चावल का बचा हुआ मांड, किचन के इन कामों में करें स्मार्टली यूज

भास्कर न्यूज। लुधियाना अक्सर चा​वल पकाने के बाद बचा हुआ मांड यानी चावल का पानी बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन यही मांड कई घरेलू कामों में बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। इसमें मौजूद स्टार्च और पोषक तत्व न केवल सेहत के लिए बल्कि किचन के छोटे-मोटे कामों में भी मददगार हैं। चावल का बचा हुआ मांड सिर्फ बेकार पानी नहीं है, बल्कि किचन का एक छुपा खजाना है। इसे आटा गूंथने, दाल-सब्जी या सूप में डालने और बचे चावल को ताजा रखने के लिए जरूर इस्तेमाल करें। इस तरह आप न सिर्फ खाने का स्वाद और पौष्टिकता बढ़ा सकते हैं बल्कि पानी की बर्बादी से भी बच सकते हैं। {आटे को गूंथने में करें इस्तेमाल : अगर आप चाहें तो गेहूं या मल्टीग्रेन आटा गूंथने के लिए सामान्य पानी की जगह चावल का मांड इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आटा ज्यादा मुलायम बनेगा और रोटियां भी नरम और स्वादिष्ट तैयार होंगी। {दाल और करी में स्वाद बढ़ाने के लिए : दाल या सब्जी बनाते समय मांड डालने से उसका स्वाद और गाढ़ापन दोनों बढ़ जाते हैं। खासकर सांभर, कढ़ी या दाल तड़का में यह मांड डालने से स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है। {सूप और स्ट्यू में पौष्टिकता: अगर आप सूप बनाते हैं तो उसमें चावल का मांड डालकर उसे ज्यादा पौष्टिक बना सकते हैं। इसमें मौजूद स्टार्च सूप को प्राकृतिक तरीके से गाढ़ा करता है और उसका फ्लेवर भी हल्का-सा अलग निखरकर आता है। {चावल दोबारा गर्म करने के लिए : अगर चावल बच गए हों और दोबारा गरम करने हों तो उनमें थोड़ा सा मांड डाल दें। इससे चावल सूखेंगे नहीं और पहले जैसे ही मुलायम लगेंगे।

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