आनंद नगर में मकान के नीचे से निकली पानी की लाइन को सुधारने का काम नहीं हो सका। अब इसका असर लश्कर क्षेत्र के चार वार्डों में दिखाई देने लगा है। घरों में वाटर सप्लाई नहीं पहुंचने के कारण लोगों को पानी के टैंकरों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जैसे ही टैंकर दिखाई देता है, स्थानीय लोग हाथों में पानी के बर्तन लेकर दौड़ पड़ते हैं। शनिवार को ऐसे नजारे कई क्षेत्रों में देखने को मिले।
कटी घाटी स्थित दादा बाड़ी के पीछे बसी कॉलोनी में पानी का टैंकर जैसे ही आया। महिला, बच्चे और पुरुष हाथों में बर्तन लेकर टैंकर के पास जा पहुंचे। किसी ने लेजम डालकर पानी खींचना शुरू किया तो कोई टैंकरों से पानी भरने में लग गए। इस दौरान कई बार पानी भरने को लेकर खींचतान शुरू हो गई। थोड़ी देर में ही पानी का टैंकर खाली हो गया। यहां रहने वाले मुन्ना खां ने बताया कि पिछले पांच दिनों से पानी नहीं आ रहा है। टैंकर से जितना पानी आता है। उसको भरने के लिए ही भागदौड़ शुरू हो जाती है। ऐसा कब तक चलेगा। ये कोई अफसर नगर निगम का बताने को तैयार नहीं है। पानी की समस्या शांति नगर, जीवाजी नगर, निंबा जी की खोह सहित कई क्षेत्रों में हो रही है। निगम अफसर मकान खाली कराने के इंतजार में
नगर निगम के पीएचई अफसर आनंद नगर में मकान के नीचे से फूटी पानी की लाइन को सुधारने के लिए मकान खाली कराने की बात कर रहे है। वहीं मकान मालिक भी सर्दी के मौसम में कहां जाए। ये कहकर कोई मदद के लिए तैयार नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम इंजीनियरों को कोई न कोई नई तकनीक का उपयोग कर पाइप लाइन सुधारना चाहिए।


