टीचर नरिंदर सिंह को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार:लुधियाना के जंडियाली सरकारी स्कूल में है तैनात,2008 में समर कैंप से की शुरूआत

पंजाब के लुधियाना में जंडियाली के सरकारी प्राइमरी स्कूल के हेड टीचर नरिंदर सिंह ने अपनी अनूठी पहलों और समर्पण से पंजाब का नाम रोशन किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए चुने गए 45 शिक्षकों की सूची में उनका नाम घोषित किया गया है। इस साल पंजाब से यह सम्मान पाने वाले वह एकमात्र शिक्षक हैं। उन्हें यह पुरस्कार 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रदान किया जाएगा। सरकारी स्कूल में पहली बार शुरू किया समर कैंप
नरिंदर सिंह ने 2008 में सरकारी प्राइमरी स्कूल में पहली बार समर कैंप की शुरुआत की, जो सरकारी स्कूल प्रणाली में एक नई मिसाल बनी। 2006 में जब उन्होंने स्कूल जॉइन किया था, तब स्कूल में केवल तीन कमरे और 174 छात्र थे। आज उनके नेतृत्व में यह स्कूल 800 छात्रों और 15 एयर-कंडीशन्ड स्मार्ट क्लासरूम वाला एक उत्कृष्ट संस्थान बन चुका है। उनके इस प्रयास के लिए उन्हें 2012 में राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर यह पहचान उनके करियर का सबसे बड़ा सम्मान है। नैतिक मूल्यों और व्यावहारिक शिक्षा पर जोर
इस सम्मान पर खुशी जाहिर करते हुए नरिंदर सिंह ने कहा कि मैं हमेशा चाहता था कि मेरे छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि नैतिक मूल्यों के साथ भी आगे बढ़ें। मोबाइल और ओपन लाइब्रेरी से लेकर ‘ईमानदारी की दुकान’ तक, जहां बच्चे बिना दुकानदार के स्टेशनरी खरीदते हैं, हर पहल हमारी कोशिश का हिस्सा है।” स्कूल में एक ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क भी है, जहां बच्चे व्यावहारिक रूप से सड़क अनुशासन सीखते हैं। कचरे से बनाई गई ‘मैथ्स पार्क’ और शतरंज की बिसात
स्कूल में कई विशेष पार्क बनाए गए हैं, जो मजेदार और व्यावहारिक शिक्षा का अनूठा संगम हैं। इनमें हैंडराइटिंग सुधारने, तकनीकी कौशल विकसित करने और गणित सिखाने के लिए ‘मैथ्स पार्क’ शामिल है, जिसे पूरी तरह से कचरे से बनाया गया है। इसके अलावा, स्कूल परिसर में कचरे से तैयार की गई एक विशाल शतरंज की बिसात भी है, जो बच्चों को रचनात्मकता और ज्ञान का संदेश देती है। बहादुरी और लेखन में भी मिसाल
2014 में नरिंदर सिंह को बहादुरी के लिए सम्मानित किया गया था, जब उन्होंने स्कूल की दीवार से टकराए एक ट्रक के दौरान पांच बच्चों की जान बचाई थी। हालांकि, इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा, उन्होंने चार किताबें भी लिखी हैं, जो बच्चों में नैतिक मूल्यों को विकसित करने पर केंद्रित हैं।
शिक्षा मंत्री और अधिकारियों ने दी बधाई थी। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस दे चुकी बधाई पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई थी। बैंस ने कहा था कि नरिंदर सिंह पंजाब के शिक्षकों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान ऐसे मेहनती शिक्षकों की वजह से है कि पंजाब ने शिक्षा क्षेत्र में पूरे भारत में पहला स्थान हासिल किया है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) रविंदर कौर ने भी उनकी प्रशंसा की और बताया कि उनका स्कूल 2023-24 में राज्य के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले संस्थानों में शामिल रहा और इसे ₹2.5 लाख का पुरस्कार भी मिला। सरकारी स्कूल को बनाया मॉडल संस्थान
कभी कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाने वाले नरिंदर सिंह ने हमेशा अपने सरकारी स्कूल को बेहतर बनाने का सपना देखा था। उन्होंने कहा, “आज, समर्पित लैब्स, जीवंत गतिविधियों और प्रेरित बच्चों के साथ, मेरा सपना साकार हो रहा है।

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