भास्कर न्यूज। जालंधर स्मार्ट रोड की एजेंसी ने आर्बिटेशन कोर्ट के माध्यम से स्मार्ट सिटी से आठ करोड़ का दावा पेश किया है। निगम ने नंवबर 2024 को टर्मिनेट किया था, और 2 करेाड़ की बैक गारंटी को जब्त किया था। इस पर एजेंसी आर्बिटेशन कोर्ट में न्याय के लिए पहुंची। अब 15 सितंबर को कोर्ट में सुनवाई होगी। मालूम हो िक 50 करोड़ की स्मार्ट रोड एजेंसी का काम संतोजनक नहीं था। इस पर एजेंसी को नंवबर 2024 में टर्मिनेट कर दिया था। साथ ही एजेंसी की 2 करोड़ की बैंक गांरटी भी जब्त की। वहीं निगम ने एजेंसी का तीन करोड़ का भुगतान पेंडिंग किया है। वैसे एजेंसी का 95 फीसदी का काम पूरा हो चुका है। इस पर एजेंसी न्याय के लिए ऑर्बिटेशन में पहुंची है, और निगम पर आठ करोड़ का दावा किया है। सिटी में 50 करोड़ से चार सड़कें को स्मार्ट रोड बनाने का काम किया था। इन सड़कें पर नई एलईडी लाइटें, सेंट्रल वर्जन और पानी निकासी को रोड गलियों भी बनी है, लेकिन एजेंसी का ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का काम ठीक नहीं था। इस पर एजेंसी का 3 करोड़ का भुगतान पेडिंग किया है। इसकी वजह है कि एजेंसी का काम संतोजनक नहीं बना है। इसलिए निगम ने भुगतान पेडिंग किया, और बैंक गारंटी जब्त की। इस संबंध में एसडीओ ने कहा िक अब सितंबर में आर्बिटेशन कोर्ट में सुनवाई होगी।


