भास्कर न्यूज | अमृतसर केंद्र सरकार ने स्वदेश दर्शन परियोजना के तहत 4 साल पहले नगर निगम को श्री हरमंदर साहिब को जाते 4 मार्गों के सौंदर्यीकरण यानि विरासती मार्ग कायम करने के लिए कुल 70 करोड़ की राशि प्रदान की थी। इस राशि में से 27 करोड़ से अटारी-वाघा सड़क सीमा मार्ग का भी सौंदर्यीकरण व विकास किया जाना था, लेकिन 4 साल बीतने के बावजूद निगम इसके लिए टेंडर लगाने तक में विफल रहा है। उक्त स्वदेश दर्शन परियोजना के मद्देनजर उक्त राशि पंजाब पर्यटन एवं सभ्याचारक विभाग को सौंपी गई थी, विभाग ने इस राशि के तहत श्री हरमंदर साहिब को जाते 4 रास्तों घी मंडी-श्री हरमंदर साहिब, गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब-श्री हरमंदर साहिब, महासिंह गेट-श्री हरमंदर साहिब तथा सुल्तानविंड गेट-श्री हरमंदर साहिब को विरासती मार्ग घोषित करते हुए इन मार्गों का विकास करवाकर इनका कायाकल्प करना था लेकिन निगम की लापरवाही का आलम यह है कि टेंडर लगाने में कोई दिचस्पी तक नहीं दिखाई। अमृतसर विकास मंच के प्रधान कुलवंत सिंह अणखी ने सरकार और नगर निगम का ध्यान इस तरफ दिलाते हुए कहा कि चारों मार्गों को विरासती मार्ग के तौर पर विकसित करने के साथ-साथ भारत-पाक विभाजन के दौरान 1947 में मारे गए 10 लाख लोगों की याद में अटारी में ही यादगार भी स्थापित करें। अटारी के विकास फंड 27 करोड़ रुपए में से कुछ राशि उक्त यादगार के लिए निर्धारित की जाए।


