राहुल बोले- गुमनाम दलों को ₹4300 करोड़ कहां से मिले:पूछा- क्या चुनाव आयोग इस चंदे की जांच करेगा या एफिडेविट मांगेगा?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को गुजरात में गुमनाम राजनीतिक दलों को मिले 4300 करोड़ रुपए के चंदे पर चुनाव आयोग (EC) से सवाल किए। उन्होंने दैनिक भास्कर की रिपोर्ट शेयर कर कहा कि इन 10 पार्टियों ने इतना बड़ा चंदा तो लिया, लेकिन सिर्फ 39 लाख रुपए खर्च दिखाया। उन्होंने X पर लिखा- गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना, लेकिन ₹4300 करोड़ का चंदा मिला। इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उन पर खर्च किया है। ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां? क्या चुनाव आयोग जांच करेगा या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके? राहुल गांधी इन दिनों बिहार में 16 दिन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर हैं। यह यात्रा 1,300 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करेगी और 20 जिलों से होकर 1 सितंबर को पटना में खत्म होगी। यात्रा में कांग्रेस और आरजेडी नेताओं ने चुनावी सूची में गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं। गुजरात में 5 साल में 10 गुमनाम दलों को मिले ₹4300 करोड़ गुजरात में रजिस्टर्ड 10 गुमनाम से राजनीतिक दलों को 2019-20 से 2023-24 के पांच साल में ₹4300 करोड़ चंदा मिला। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान गुजरात में हुए तीन चुनावों (2019, 2024 के दो लोकसभा और 2022 का विधानसभा) में इन दलों ने महज 43 प्रत्याशी उतारे और इन्हें कुल 54,069 वोट मिले। इन दलों और इनके प्रत्याशियों की निर्वाचन आयोग में जमा रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। इन्होंने चुनाव रिपोर्ट में खर्च महज ₹39.02 लाख बताया, जबकि ऑडिट रिपोर्ट में ₹3500 करोड़ रुपए खर्च दर्शाया है। दैनिक भास्कर के सवाल पर अनजान बने पार्टी प्रमुख राहुल का चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप, EC ने हलफनामा मांगा दरअसल, राहुल ने 7 अगस्त को वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर 1 घंटे 11 मिनट तक 22 पेज का प्रेजेंटेशन दिया और EC पर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था, ‘वोट चोरी हो रहे हैं। हमारे पास सबूत है कि चुनाव आयोग चोरी में शामिल है। वे भाजपा के लिए ऐसा कर रहे हैं।’ इसके बाद 8 अगस्त को चुनाव आयोग ने राहुल के आरोपों पर उनसे हलफनामा (एफिडेविट) मांगा था। EC ने कहा था कि वे वोट चोरी के अपने दावे को सही मानते हैं तो हलफनामे पर साइन करके दें। अगर उन्हें अपने दावों पर भरोसा नहीं है तो देश से माफी मांगें। पूरी खबर पढ़ें… ——————————— राजनीतिक चंदा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की आय 223% बढ़ी:गुजरात की 5 पार्टियों को ₹2316 करोड़ मिले देश में नाममात्र के वोट पाने वाली रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों (RUPP) की आय 2022-23 में 223% बढ़ गई। यह जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2764 गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियां हैं। इनमें से 73% से ज्यादा (2025) ने अपना फाइनेंशियल रिकॉर्ड सार्वजनिक ही नहीं किया है। पूरी खबर पढ़ें…

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