छत्तीसगढ़ में जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) की राशि को लेकर चर्चा जोरों पर है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रवि भगत ने रायगढ़ के प्रभारी मंत्री राम विचार नेताम को पत्र लिखकर मांग की है कि DMF की राशि का इस्तेमाल खनन प्रभावित क्षेत्रों में ही किया जाए। अपने लैटर में भगत ने कहा कि, रायगढ़ में DMF की राशि का उपयोग नहीं हो रहा है। साथ ही राशि का इस्तेमाल केवल खनन प्रभावित इलाके में किया जाए। उनकी इस मांग को लेकर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि रवि भगत अगर सही लड़ाई लड़ रहे हैं तो फिर उन्हें नोटिस क्यों दिया गया ? सरकार को बताना चाहिए कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई। रवि भगत ने अगर दोबारा चिट्ठी लिखी है तो इसका मतलब साफ है कि सरकार में बंदरबांट चल रहा है। जनता को उनका हक नहीं मिल रहा। फैसले के अनुसार ही राशि का उपयोग हो रवि भगत ने बताया कि, डीएमएफ के विषय में मैंने प्रभारी मंत्री से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार की नीति और छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के लिए गए फैसले के अनुसार ही राशि का उपयोग हो। यह राशि केवल खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए खर्च की जानी चाहिए। रवि ने कहा कि, रायगढ़ जिले में अभी तक डीएमएफ की समिति का गठन नहीं किया गया है। मेरा मानना है कि समिति जल्द से जल्द बनाई जाए, ताकि उसके माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं पर उपयोग किया जा सके। वीडियो पोस्ट कर की थी मांग, जारी हुआ था नोटिस रायगढ़ जिले में रहने वाले भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत के 4 मिनट 19 सेकेंड के वीडियो पोस्ट कर अपनी ही सरकार से DMF (जिला खनिज फाउंडेशन) की राशि गांव में भी देने की मांग की थी। प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने हाथ जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ी में गीत गाया था कि ‘DMF के पैसा ला दे दो सरकार, उजड़ गे हमर गांव, गली खेत-खार। कंपनी अउ शहर सब्बो झन आगे बढ़ गे, गांव ह पिछड़ गे। क्षेत्र हा झेलत हे कंपनी-खदान के मार। न्याय करो साहेब, हे कर्णधार, DMF के पैसा ला दे दो सरकार’ वीडियो जारी होने के बाद पार्टी ने रवि भगत को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कुछ दिनों बाद भाजपा की नई कार्यकारिणी गठित की जिसमें उन्हें भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया था। कांग्रेस ने इस पर तंज कसते हुए कहा था कि रवि भगत को कीमत चुकानी पड़ी।


