चंडीगढ़ PU में प्रेजीडेंट पोस्ट पर 21 कैंडिडेट:सोपू ने अरदास कौर को मैदान में उतारा; गुटबाजी से भिड़े ढिल्लों और लुबाना ग्रुप

चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव में यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने देर रात एलिजिबल कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी कर दी। इसमें प्रेजीडेंट के लिए 21, वाइस प्रेजीडेंट के 16, सेक्रेटरी के लिए 11 और 10 नाम ज्वाइंट सेक्रेटरी पद के हैं। पुसू की तरफ से सिद्धार्थ बूरा प्रेजीडेंट पद के लिए चुनाव लड़ेंगे। वहीं सत्थ नेताओं ने आरोप लगाया कि एबीवीपी फ्रंट ने साजिशन अश्मीत पर ऑब्जेक्शन लगाकर उनका नामांकन रद्द करवाया है। उनका कहना था कि दोपहर तक अश्मीत का नाम एलिजिबल लिस्ट में था, लेकिन बाद में नॉट एलिजिबल कर दिया गया। गुटबाजी से भिड़े ढिल्लों और लुबाना ग्रुप एनएसयूआई से प्रेजीडेंट पद का उम्मीदवार प्रभजोत सिंह बरिंद्र ढिल्लों ग्रुप से है, जबकि मनोज लुबाना ग्रुप का उम्मीदवार सुमित शर्मा अब भी ऑब्जेक्शन का सामना कर रहा है। इसी को लेकर दोनों गुटों के बीच हाथापाई तक हो गई। उधर, अर्चित गर्ग ग्रुप के उम्मीदवार सागर अत्री पर भी आपत्ति दर्ज हुई है। यही नहीं, सुमित, चिराग, विशेष, अश्मीत और अभिषेक समेत कई उम्मीदवारों के नामांकन पर आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। पिछले चुनावों की तरह इस बार भी एनएसयूआई गुटबाजी से जूझ रही है। छात्र राजनीति में हर वरिष्ठ नेता चाहता है कि उसका उम्मीदवार ही प्रेजीडेंट बने, जिसके चलते संगठन कई हिस्सों में बंट जाता है। सोपू ने दिया नया चेहरा, अरदास कौर को मैदान में उतारा स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (सोपू) ने फैशन विभाग की छात्रा अरदास कौर को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित किया। सोपू अध्यक्ष बलराज सिंह और महासचिव करणवीर सिंह क्रांति ने कहा कि संगठन साधारण घरों से आने वाले छात्रों को आगे बढ़ाने पर फोकस कर रहा है। चुनाव प्रक्रिया की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता अवतार सिंह को सौंपी गई है। एबीवीपी ने हॉस्टलों में बढ़ाया प्रचार एबीवीपी का उम्मीदवार गौरव वीर सोहल का नाम क्लियर होते ही संगठन ने हॉस्टलों में प्रचार शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने छात्रों से मुलाकात कर मैनिफेस्टो बांटा और समस्याएं सुनीं। एबीवीपी पदाधिकारियों ने दावा किया कि उनका मैनिफेस्टो सिर्फ कागज का दस्तावेज नहीं बल्कि हर छात्र की आवाज का प्रतिबिंब है। इसमें हॉस्टल की स्वच्छता, मैस की गुणवत्ता, हाई-स्पीड वाई-फाई, छात्राओं की सुरक्षा और लाइब्रेरी टाइम बढ़ाने जैसी मांगें शामिल की गई हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *