भास्कर न्यूज | बालोद एनएचएम के संविदा कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल के 10वें दिन बुधवार को जिला मुख्यालय के बस स्टैंड परिसर में नियमितीकरण कुर्सी दौड़ का आयोजन कर विरोध प्रदर्शन किया। इस आयोजन के माध्यम से संविदा कुप्रथा को खत्म करने मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री व शासन स्तर से सिर्फ जानकारी मिल रही है कि अधिकांश मांगें मान ली गई है लेकिन आदेश जारी नहीं किया है। कुछ मांगे केंद्र स्तर की है, ऐसा कहा जा रहा है। जबकि दूसरे राज्य में कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जा रहा है। कम से कम मातृत्व राज्य मध्यप्रदेश में जो लाभ कर्मचारियों को मिल रहा है, उतना ही तत्काल छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि ग्रेड पे लिए लिए डॉ. सुभाष मिश्रा की पिछली कमेटी ने अनुशंसा किया था बावजूद अब तक कुछ नहीं हो पाया। चिकित्सा परिचर्चा के लिए 2022 से ही आरओपी में फंड केंद्र की ओर से जारी किया गया था। केंद्र द्वारा 2012 में कर्मचारियों को नियमितिकरण के लिए आईएएस मनोज झालानी ज्वाइंट सेक्रेटरी ने राज्य को पत्र लिखा था। नियमितीकरण की फाइल रोकने का लगाया आरोप संघ पदाधिकारियों ने बताया कि पहले भी नियमितिकरण के लिए विभागीय प्रक्रिया हुई थी लेकिन राज्य सरकार ने रोक दिया। अब आगे रायपुर में हड़ताल की योजना बनाई जा रही है। हड़ताल में जिला अध्यक्ष खिलेश साहू, सदस्य पुष्पकांत नागवंशी, सरिता देवांगन, सतेंद्र साहू, अनूप देशपांडे, दीपांजलि साहू, डॉ. यशवंत वर्मा, पीनेश, लोकेश कुमार वर्मा, मुकेश साहू, लोकेंद्र वर्मा, रजनी कौर, सुनील महतो सहित अन्य कर्मचारी डटें रहें।


