अमृतसर| अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 63 दिन पहले बीते 25 जून को मोहाली विजिलेंस की टीम ने मजीठा स्थित दफ्तर और ग्रीन एवेन्यू में उनके आवास पर छापेमारी की थी। जिसके बाद विजिलेंस जांच में बाधा डालने, पुलिस को धमकाने और समर्थकों को बुलाकर नारेबाजी करने के आरोप में सिविल लाइन थाना की पुलिस ने बीते 31 जुलाई को मजीठिया के खिलाफ पर्चा दर्ज किया था। मजीठिया की तरफ से बीते 18 अगस्त को एडिश्नल सेशन जज की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका डाली गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका बीते 27 अगस्त को रद्द कर दिया है। बता दें कि पुलिस की तरफ से जिन धाराओं में पर्चा दर्ज किया गया उनमें गिरफ्तारी बनती है। हालांकि विजिलेंस ने मजीठिया के खिलाफ 540 करोड़ की अवैध संपत्ति मामले में पर्चा दर्ज किया था।


