मौसम विभाग ने झारखंड के 11 जिलों में आज बारिश की संभावना है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी है। रांची, गुमला, पलामू, लोहरदगा, लातेहार, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, पश्चिम सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में बिजली गिरने के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इसके मद्देनजर विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और देर शाम तक मध्यम बारिश की संभावना है। विभाग का कहना है कि चार सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। सामान्य से 60 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज अगस्त महीने में झारखंड में अब तक 1011.3 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य औसत 784.8 मिमी होना चाहिए था। यानी इस बार 29 फीसदी अधिक वर्षा हुई है। रांची में 1501.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त के अंतिम दिनों और सितंबर की शुरुआत में लगातार हो रही बारिश से वातावरण में नमी बनी हुई है। इससे उमस महसूस होगी, लेकिन तापमान में बड़ी वृद्धि की संभावना नहीं है। तापमान रहेगा सामान्य, गर्मी नहीं सताएगी अगले पांच दिनों तक झारखंड का मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में अधिकतम तापमान 29 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, धनबाद, गोड्डा और पाकुड़ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं रांची, खूंटी और गुमला में अधिकतम 28 से 29 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री पर स्थिर रहने की संभावना है। तेज हवाओं और वज्रपात से सतर्क रहने की सलाह 30 अगस्त से 2 सितंबर के बीच रांची, बोकारो, गुमला और हजारीबाग समेत आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दक्षिणी जिलों सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा में भी लगातार बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त को पूरे राज्य में वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। लोगों को गर्मी से राहत, लेकिन सावधानी जरूरी राजधानी रांची में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 28.6 और न्यूनतम 22.4 डिग्री दर्ज किया गया। गोला में सबसे अधिक 35.1 डिग्री और लातेहार में सबसे कम 21 डिग्री तापमान रहा। विभाग का कहना है कि अधिकतम तापमान सामान्य से एक-दो डिग्री नीचे रह सकता है। ऐसे में लोगों को तेज गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश, वज्रपात और हवाओं से सतर्क रहने की जरूरत है।


