बंगाली युवा मंच चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में दो दिवसीय पौष मेला का शुभारंभ शनिवार को हुआ। बिरसा मुंडा स्मृति पार्क में लगाए गए मेले में हजारों लोगों ने शिरकत की और मेले का लुत्फ उठाया। इस दौरान मेला परिसर बंग परिवेश में ढला नजर आया। पारंपरिक ढेका, चलनी, टुकरी और ताड़ के पत्ते से बने हाथ पंखे से परिवेश को सजाया गया है। ट्रस्ट की ओर से पौष मेला का यह द्वितीय संस्करण है। शहरवासियों के लिए यह पारंपरिक मेला निशुल्क है। लोग ईस्ट जेल रोड स्थित गेट से प्रवेश पा सकेंगे। वहीं, कोलकाता से आए सुप्रसिद्ध गायक गुरजीत सिंह ने श्यामा संगीत, कीर्तन आदि संगीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। उन्होंने ‘मायेर पाये जबा होए….’, ‘तोमर र कुंजो सजाओ गो….’, ‘हे तोमर गुरु दक्षिणा….’, ‘बाबा तोमार दरबारे…..’, ‘मोन रा कृषि काज जाने ना…..’ जैसे गानों की प्रस्तुति दी, जिस पर खूब तालियां बजीं। फैशन शो में 44 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा मेला के पहले दिन दोपहर में आर्ट कैंप का आयोजन किया गया। इसमें 10 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने अपने कैनवास में प्रकृति, कान्हा और कई चित्रों को उकेरा। फैशन शो में 44 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके बाद मौलाली रंग शिल्पी द्वारा हास्य नाटक का मंचन हुआ। मेले में बंग समुदाय की परंपरा और पारंपरिक व्यंजनों से संबंधित कई स्टॉल लगाए गए है। कार्यक्रम की शुरुआत में सदस्यों ने पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर 2 मिनट का मौन रखा। उद्घाटन भी सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। दो दिवसीय पौष मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ कई प्रतियोगिताएं भी होंगी। मेले में पारंपरिक हस्तशिल्प स्टॉल लगाए गए हैं मेला परिसर में 17 स्टॉल लगाए गए है। जिनमें झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के हस्तशिल्प और कलाकृतियां देखने को मिल रही है। वहीं इन स्टॉलों में बंग समुदाय के पारंपरिक खाद्य व्यंजनों का भी लोग लुत्फ उठा रहे है।


