पंडित संदीप मलिक ने नाद वंदना में ब्रह्मा और मां सरस्वती को याद कर ओंकार किया

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी, रांची के सभागार में शनिवार को कला संस्था नृत्यशाला द्वारा प्रत्याशा नृत्य उत्सव-2024 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर कला एवं सांस्कृतिक निदेशालय, झारखण्ड के निदेशक आसिफ एकराम उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में शास्त्रीय नृत्य-गीत के प्रति रुचि बढ़ती है। विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएसपीएमयू रांची की कुलसचिव डॉ. नमिता सिंह उपस्थित हुई। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम का प्रभाव दीर्घकालिक होता है। नृत्य उत्सव में कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज के शिष्य अंतर्राष्ट्रीय कथक नर्तक पंडित संदीप मलिक ने सर्वप्रथम नाद वंदना की। नाद वंदना में परमपिता ब्रह्मा और मां सरस्वती को याद कर ओंकार किया जाता है। इस प्रस्तुति को उन्होंने शिव के प्रिय घुंघरू के माध्यम से साकार किया। भगवान शिव से संबंधित जितने भी तत्व हैं, उन सभी को नाद वंदना में शामिल कर उन्होंने दर्शकों को अभिभूत कर दिया। नृत्यशाला की संस्थापिका प्रख्यात कथक नृत्यांगना मोनिका डे ने भी प्रस्तुति दी। उन्होंने पंडित बिरजू महाराज के केदार तराना, सावन की धुन और अन्य मधुर धुनों पर मनमोहक प्रस्तुति दी। 150 बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से मोहा मन नृत्य उत्सव में नृत्यशाला के लगभग 150 बच्चों ने कत्थक, सेमी क्लासिकल, फोक एवं सूफी नृत्य शैलियों में अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। इन छात्राओं ने लोक नृत्य तथा अमोलिका नंदी का एकल नृत्य भी पेश किया। इसमें तीन साल की बच्ची से लेकर 68 साल के बुजुर्ग तक शामिल हुए। उनकी प्रस्तुति देख दर्शक मंत्रमुग्ध हुए। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

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