मैनपाट PHC में प्यून बांटता है मरीजों को दवा:फार्मासिस्ट चला रहा अपनी दवा दुकान, चपरासी ने कहा- यही काम करता हूं

सरगुजा जिले के मैनपाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्यून मरीजों को दवाएं बांटता है। शनिवार को एक मरीज ने दवा बांट रहे प्यून के गलत दवा देने पर सवाल-जवाब किया तो उसने कहा कि वह दवाएं देना जानता है। जाकर फार्मासिस्ट रामसेवक से पूछ लो। मैं यही काम करता हूं। PHC का फार्मासिस्ट मैनपाट के कमलेश्वरपुर चौक में स्वयं की दवा दुकान चलाता है और कभी हॉस्पिटल नहीं आता है। मामले में CMHO डा. प्रेम सिंह मार्को ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। यह मामला मैनपाट ब्लॉक के कमलेश्वरपुर PHC का है। जहां पदस्थ नियमित फार्मासिस्ट रामसेवक यादव अपने ड्यूटी से शनिवार को गैरहाजिर था और हॉस्पिटल का प्यून मोहर लाल दवाएं बांट रहा था। एक मरीज को प्यून ने डॉक्टर ओर से दी गई दवा के स्थान पर दूसरी दवा थमा दी, तो मरीज ने प्यून का वीडियो बनाते हुए सवाल-जवाब किया। प्यून बोला-यही काम करता हूं, रामसेवक से पूछ लो दवा बांट रहे प्यून मोहर लाल ने कहा कि मैं दवा देना जानता हूं। आप रामसेवक से पूछ लीजिए। दवा बांट रहे कर्मी ने बताया कि वे प्यून हैं। फार्मासिस्ट नहीं हैं, इसलिए दवाएं बांट रहे हैं। प्यून से पूछा गया कि आप गलत दवा दे देंगे तो कौन जिम्मेदार होगा, तो प्यून ने कहा कि वे हमेशा दवाएं देते हैं। फार्मासिस्ट की अपनी दवा दुकान, ड्यूटी से रहता है नदारद मैनपाट के सीएचसी कमलेश्वरपुर में पदस्थ फार्मासिस्ट रामसेवक यादव की कमलेश्वरपुर चौक में अपनी दवा की दुकान है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वह कभी हॉस्पिटल नहीं जाता है, सिर्फ वेतन लेता है। वह कांग्रेस के स्थानीय नेता अटल यादव का भाई है। इस कारण कोई उसे कुछ कहने की हिम्मत नहीं करता। CMHO बोले-नोटिस जारी करेंगे जब इस मामले को लेकर BMO डॉ. रवि सिंह को कॉल किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। जबकि संयुक्त संचालक (हेल्थ) डॉ. अनिल शुक्ला ने कहा कि मामले में CMHO को जांच के लिए कहा गया है। CMHO डा. प्रेम सिंह मार्को ने कहा कि यदि चपरासी किन परिस्थितियों में दवाएं बांट रहा था, इसकी जांच कराई जाएगी। यदि फार्मासिस्ट ड्यूटी टाइम में हॉस्पिटल से गायब रहता है तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। संवेदनशील है PHC, संचालन में लापरवाही मैनपाट छत्तीसगढ़ का प्रमुख पर्यटन केंद्र है और कमलेश्वरपुर का PHC इस लिहाज से भी संवेदनशील है। यहां सड़क हादसों के मरीजों के साथ ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के मरीज पहुंचते हैं। यहां हॉस्पिटल में लापरवाही को लेकर लोगों में आक्रोश है।

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