चंबा मेडिकल कॉलेज में नसबंदी करवाने पहुंचे 10 लोगों की नसबंदी नहीं हो पाई। जिसके बाद लोगों ने आरोप लगाया कि हॉस्पिटल में केवल उसी की नसबंदी ऑपरेशन हो सकती है जिसके सिफारिश हैं। बाकी दूसरे लोगों की सिफारिश होने पर उनका ऑपरेशन कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज चंबा में आयोजित नसबंदी कैंप में सलूणी उपमंडल के नडडल से आए लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों की सिफारिश हो रही थी उनके ऑपरेशन तो किया गए लेकिन जिनकी कोई सिफारिश नहीं थी उन्हें सामान कम होने की बात कह कर वापस लौटा दिया। नडडल पंचायत के 10 लोगों ने इस व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि अगर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर्याप्त कैंप व्यवस्था करने में सक्षम नहीं था तो फिर इस शिविर को आयोजित करने का उद्देश्य ही क्या था। लोगों का कहना था कि भारी बारिश व कड़ाके की ठंड के बावजूद यह लोग भारी भरकम किराया खर्च करके आए। परिवार नियोजन के इस कार्यक्रम को सफल बनाने और अपना नसबंदी ऑपरेशन करवाने के लिए चंबा पहुंचे लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा। गौरतलब है कि परिवार नियोजन कार्यक्रम के प्रचार प्रसार पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। ऐसे में अगर जागरूक लोगों को इस तरह से निराश होकर वापस लौटना पड़े, तो इस जागरूकता अभियान पर असर पड़ना लाजमी है। डीसी ने दिया जांच का आश्वासन
मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल का कहना है इस ऑपरेशन में 40 लोगों के ऑपरेशन की ही व्यवस्था थी। सामान कम था, जिस कारण 10 लोगों के ऑपरेशन नहीं हो पाए। वहीं डीसी चंबा मुकेश रेपसवाल का कहना है कि यह बात उनके ध्यान में लाई गई है। जिसके बाद इस मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं। भविष्य में इस प्रकार की परेशानी पेश न आए, इस बात को पुख्ता बनाने के लिए भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को निर्देशित किया गया है।


