भास्कर न्यूज| धमतरी शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित बोरिदखुर्द में 40 साल पहले बनाया गया पुल टूट चुका है। लंबे समय से पुल की हालत खराब थी, और यह अब पूरी तरह जर्जर होकर ढह गया है। पुल के टूटने से स्थानीय ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। इस स्थिति के चलते कई बच्चों ने स्कूल जाना भी बंद कर दिया है, क्योंकि पुल पार करना अब उनकी जान को जोखिम में डालने जैसा हो गया है। सरपंच जागेश्वर नेताम, मोहितराम साहू, और नरेश साहू ने बताया कि बोरिदखुर्द के आबादीपारा क्षेत्र में 100 से अधिक परिवार रहते हैं। इस पुल के जरिए बोरिदखुर्द और आबादीपारा आपस में जुड़ते हैं। यह पुल इतना पुराना है कि इसके एक हिस्से में पहली से 5वीं कक्षा की पढ़ाई होती थी, जबकि दूसरी ओर मिडिल स्कूल की कक्षाएं लगती थीं। पुल ढहने के कारण बच्चों की पढ़ाई अब पूरी तरह प्रभावित हो रही है। बारिश के मौसम में पानी पुल के ऊपर से बहने लगता था, और इसकी कमजोर स्थिति को देखकर पहले ही मरम्मत या इसके पुनर्निर्माण की मांग की गई थी। हालांकि, इस समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और अब बारिश के चलते यह टूट गया। स्थानीय ग्रामीण वर्तमान में अपनी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। कई स्कूली बच्चे भी खतरे के बावजूद स्कूल जाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने शासन से नया पुल बनवाने की मांग की है, ताकि आवाजाही और बच्चों की शिक्षा जारी रह सके।


