पंजाब के लुधियाना में सतलुज नदी से बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सतलुज पर गांव ससराली के पास बने बांध में बीते 48 घंटों से दरार पड़ने का खतरा बना हुआ है। शुक्रवार दिन भर में बांध पर 16 फुट का कटाव हो चुका है। जिसके बाद किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए बनाए ट्यूबवैल के कमरे बह चुके हैं। पानी आगे बढ़ते हुए रिंग बांध तक पहुंच चुका है। ये नया रिंग बांध मुख्य बांध से 700 मीटर दूरी बनाया गया, ताकि पानी के तेज बहाव को कांट्रोल करने के लिए बनाया गया। हालात को देखते हुए यहां आर्मी और NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की तरफ से बांध को कटाव से रोकने की काफी कोशिश की गई लेकिन कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। बता दें कि अगर यहां से पानी निकला तो लुधियाना के 14 गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। इसके अलावा शहरी इलाके राहों रोड, टिब्बा रोड, ताजपुर रोड, नूरवाला रोड और समराला चौक तक पानी पहुंच सकता है। वहीं साहनेवाल के धनांसू इलाके में भी पानी भरने की आशंका है, जिससे 50 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। वहीं DC हिमांशु जैन ने शुक्रवार को खुद मौके पर जाकर बांध की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बांध टूटने की बात से इनकार किया। DC ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। भाखड़ा डैम का जलस्तर भी खतरे के निशान 1680 फीट के करीब पहुंच गया है। रात 8 बजे तक ये 1678.40 फीट दर्ज किया गया। डैम के चारों गेट 10-10 फुट तक खोले गए हैं। राहत की बात है कि भाखड़ा से पानी की निकासी को भी कम किया गया है। फिलहाल भाखड़ा से 70 हजार क्यूसेक के करीब पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें से 50 हजार क्यूसेक पानी ही सतलुज में छोड़ा जा रहा है। ससराली बांध को लेकर 2 बातें… प्रशासन ने 5 निर्देश जारी किए…


