व्यापारियों का जीएसटी डाटा बेचे जाने का खुलासा होने के बाद अब जीएसटी नेटवर्क भी इसकी जांच करेगा। दिल्ली से जीएसटीएन कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। इसके लिए जिन-जिन विंग्स और अधिकारियों के पास डाटा का एक्सेस है उनकी गहराई से जांच की जाएगी। वहीं ऐसी एजेंसियों पर भी नकेल कसी जाएगी जो इस तरह का डाटा दे रही है। सभी प्रदेशों के ऑडिट विंग, आईटी विंग और अन्य इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के पास भी इसका एक्सेस है। अब इस पर भी विचार किया जाएगा कि उन्हें इसकी जरूरत है या नहीं। दूसरी ओर, इंदौर की संस्था टैक्स प्रैक्टिशनर एसोसिएशन और अन्य टैक्स संगठनों ने भी इसे व्यापारियों की निजता के अधिकार का उल्लंघन बताया है। टैक्स प्रैक्टिशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए जेपी सराफ और मानद सचिव सीए अभय शर्मा ने बताया कि जीएसटी नेटवर्क, जीएसटी काउंसिल और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इसकी शिकायत की जाएगी। यह बेहद गंभीर मुद्दा है। इसमें विभाग के अन्दर से डाटा लीक करने वाले और डाटा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


