भास्कर न्यूज|गिरिडीह सदर प्रखंड कार्यालय सभागार में मनरेगा की समीक्षा बैठक बीडीओ गणेश रजक की अध्यक्षता में शनिवार को की गई। जिसमें प्रखंड के बीपीओ, मनरेगा जेईई, रोजगार सेवक व पंचायत सेवक ने िहस्सा िलया। बैठक में उपस्थित पंचायत सेवक, रोजगार सेवक और बीपीओ से प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में चल रही मनरेगा विकास योजना की जानकारी ली गई। सदर प्रखंड में मनरेगा विकास योजना की धीमी गति को देखकर पंचायत सेवक, बीपीओ और मनरेगा जेईई को बीडीओ ने फटकार लगाते हुए कहा िक मनरेगा में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मनरेगा योजना केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, मनरेगा विकास कार्य से कई मजदूरों का भरण पोषण होता है। मनरेगा मजदूरों को प्राथमिकता के आधार पर काम देना अनिवार्य है, यदि किसी पंचायत में मनरेगा मजदूरों की संख्या है, तो दूसरे पंचायत के मनरेगा मजदूरों से काम करवा सकते हैं। मनरेगा योजना में मशीन से काम कदापि नहीं किया जाना है, पंचायत में मनरेगा विकास योजना में मशीन से काम करने की सूचना मिलने पर पंचायत सेवक, रोजगार सेवक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा के तहत प्रखंड में बागवानी, खेल मैदान, डोभा निर्माण, सिंचाई कूप, मेड़बंदी, रोड निर्माण, जमीन समतलीकरण की लगभग 9000 हजार योजनाएं चल रही है। वर्तमान में प्रखंड मनरेगा की 2500 विकास योजना लंबित है, जो चिंता की बात है। बीडीओ ने रोजगार सेवक, पंचायत सेवक को मनरेगा के अधूरे विकास कार्य को जनवरी 2025 तक आवश्यक रुप से पूर्ण करें, जिस पंचायत में मनरेगा कार्य अधूरे पाए जाएंगे, उस पंचायत के पंचायत सेवक, रोजगार सेवक पर कार्रवाई होना निश्चित है।


