विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रविवार शाम जेएलएन अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अव्यवस्थाएं सामने आई। आपातकालीन कक्ष में तैनात दोनों चिकित्सा अधिकारी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। एक डॉक्टर की किसी भी तरह की जानकारी नहीं मिलने पर हाजिरी रजिस्टर में गैर हाजिरी लगाई गई। सोनोग्राफी कक्ष पर ताला लगा मिला। स्टाफ को मौके पर बुलाकर मरीजों को राहत दिलाई गई। देवनानी ने गहरी नाराजगी जताते हुए प्राचार्य और अस्पताल अधीक्षक को सुधार के निर्देश दिए। देवनानी ने स्पीकर हेल्पडेस्क से अपनी निरीक्षण की शुरूआत की। यहां पर पर्याप्त स्टाफ मिला। इसके पश्चात आपातकालीन वार्ड का निरीक्षण किया गया। यहां पर तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाष सैनी एवं डॉ. मोनिका बिना सूचना के गायब मिले। पूछने पर स्टाफ ने बताया कि डॉ. सैनी दूसरे वार्ड में गए हुए हैं। दूसरे डॉक्टर के बारे में स्टाफ संतुष्टिजनक जवाब नहीं दे पाया। इस पर हाजिरी रजिस्टर में एक डॉक्टर के नाम के आगे गैरहाजिरी दर्ज की गई। बाद में सीटी स्कैन कक्ष का निरीक्षण किया। यहां सभी व्यवस्थाएं सुचारू मिलीं। सोनोग्राफी सेन्टर पहुंचे तो वहां पर ताला लटका हुआ था। उन्होंने मरीजों से बातचीत की तो पता चला कि दो घण्टे से सोनोग्राफी सेंटर पर कोई भी उपस्थित नहीं है। बाद में कक्ष का ताला खुलवाया और मरीजों की सोनोग्राफी करवाई। अस्पताल से प्रिन्सीपल डॉ. अनिल सामरिया व अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविन्द खरे को मामले में कार्यवाही के निर्देश दिए।


