अमृतसर सोशल मीडिया पर स्टॉक मार्केट ऐप का लिंक भेजकर साइबर ठग इंवेस्टमेंट करवा रहे हैं। मगर पैसों की ट्रांजेक्शन बढ़ने के बाद विड्रॉल का आप्शन में अड़चन डालकर ठगी मार रहे हैं। ठग शुरू में मुनाफा देकर लोगों को झांसे में लेते हैं और जब इन्वेटमेंट ज्यादा होता हैं तो ई-मेल गलत या कोई प्रोफाइल पूरी न होने का रिजन देते हुए विड्रॉल में अड़चन डालना शुरू कर देते हैं। इसके बाद ऐप या वेबसाइट आईडी से पैसे गायब हो जाते हैं। 3 माह में थाना साइबर में स्टॉक मार्केट में पैसों की ठगी की तकरीबन 187 शिकायतें पहुंची और अब तक 5 केस दर्ज हुए हैं। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड और डिजिटल अरेस्ट से ठगी मारने की शिकायतें आई है। फिलहाल स्टॉक मार्केट में पैसों की ठगी की घटनाएं ज्यादा आ रही है। शिकायतों का पता चला तो भास्कर टीम ने 2 दिन तक एक चिकन रोड ऐप पर आ रही स्टॉक मार्केट के 25 वेबसाइट में पैसे लगाए। आईडी बनाकर बैंक खाते से 400 रुपए स्टॉक मार्केट में डाले। पहले दिन 400 से 1250 रुपए बनाए। अगले दिन कमाए पैसों को दोबारा स्टॉक मार्केट की वेबसाइट एवियाटोर में लगाया, जो हार गए। फिर से 500 रुपए डाले तो 1700 रुपए जीते। फिर जब पैसे विड्रॉल करने की बारी आई तो ई-मेल गलत शो करने लग गया। बेवसाइट में एक ऑप्शन जिसमें एजेंट से बात करने को रिक्वेस्ट डाली जाती है। एजेंट से मैसेज पर बात की तो उसने आधार कार्ड, पासपोर्ट और पैनकार्ड की फोटो सेल्फी के साथ मांगी और थोड़े समय बाद पैसे आईडी से गायब हो गए। सिविल लाइन इलाके के एक व्यक्ति से स्टॉक मार्केट में पैसे लगाने के बाद ढाई लाख की ठगी हो गई। 3 महीने के बाद जब पैसे विड्रॉल नहीं हुए तब उसे इस ठगी के बारे में पता चला। जिसके बाद उसने साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाई।
साइबर पुलिस ने मामले में जांच की, लेकिन देरी होने के कारण पैसे रिफंड नहीं हुए। व्यक्ति ने फरवरी में एक एप को डाउनलोड किया था। जिसमें आईडी जेनरेट करने के बाद उसने 1000 रुपए से शुरूआत की। शुरू में पैसे जीतना शुरू कर दिया। मगर बाद में ढाई लाख रुपए की ठगी हो गई। क्वींस रोड के एक केमिस्ट को सोशल मीडिया ऐप पर एक लिंक शेयर हुआ। ओपन करने पर एक ग्रुप में एड हो गया जो स्टॉक मार्केट में पैसे लगाने वालों का था। स्टॉक मार्केट में 5 माह में केमिस्ट ने लाखों रुपए लगाकर 5.68 करोड़ रुपए बना लिए थे। 10-10 लाख के भी कई ट्रांजेक्शन किए। अचानक पैसे विड्रॉल होने बंद हो गए। स्टॉक मार्केट ई-मेल गलत होने के बारे में बताने लगा। फिर अचानक सारे पैसे अलग-अलग अकाउंट में ट्रांसफर हो गए। जब पैसे गायब हुए तो साइबर सैल में शिकायत की। रणजीत एवेन्यू के रहने वाले एक शख्स के साथ भी ऐसे ही ठगी हुई। उसने पहले 10 हजार रुपए लगाए। 300 बार बैंक खाते से ट्रांजेक्शन कर 5 लाख रुपए आईडी में लगा दिए। पैसे उसकी आईडी में थे, लेकिन जब निकालने की कोशिश की तो बैंक खाता नंबर गलत बताने लग गया। जबकि इससे पहले से कई बार पैसे उसने अपने अकाउंट में विड्रॉल किए थे। उसने भी एजेंट से मैसेज पर बात की, लेकिन एजेंट ने दस्तावेज मांगने शुरू कर दिए। 5 लाख निकलवाने की बजाय बैंक खाते से भी साढ़े 3 लाख उड़ गए। दैनिक भास्कर टीम की ओर से बनाई आईडी और पैसे विड्रॉल करने पर ई-मेल गलत बताने का आया मैसेज। फर्जी ऐपों-वेबसाइटों से दूर रहें : साइबर थाना एसएचओ साइबर थाना लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट के साथ-साथ सिटी में फ्लैक्स भी लगा रहा है। लोग जल्द पैसा कमाने के लालच में स्टॉक मार्केट व अन्य तरह के साइबर ठगों के शिकार बन रहे हैं। अधिकतर केसों में देखा गया है कि 3 से 5 माह तक साइबर ठग लोगों के विश्वास को जीतते हैं फिर उनके पैसों की ठगी मारना शुरू कर देते हैं। फर्जी बैंक खातों में लोगों के पैसे ट्रांसफर हो रहे हैं। लोगों को जागरूक होना बहुत जरूरी है। जब लोगों को शक होता है कि ठगी हो गई है तो तभी वह साइबर थाना को सूचित करते हैं। रोजाना अलग-अलग तरह के 20 से 25 शिकायतें आ रही हैं। जिसमें सबसे ज्यादा स्टॉक मार्केट, फिर क्रेडिट कार्ड और डिजिटल अरेस्ट के मामले हैं। ऐसे एपों, ग्रुप और वेबसाइट पर अपना कोई कागजात और अन्य दस्तावेजों को नहीं दिया जाता। वह ठगी तो कर रहे हैं, लेकिन उन दस्तावेजों को ओर भी कहीं गलत इस्तेमाल हो सकता है। पैसों को लालच देकर पहले जिताते हैं। फिर विड्रॉल करने के दौरान कई तरह जैसे ई-मेल और अन्य प्रोफाइल स्टेटस सही न होने का कारण बताते हुए ठगी मार लेते हैं। अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो रहा है तो वह जल्द से जल्द 1930 नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवाए। जितनी जल्द शिकायत दर्ज होगी उतना ही जल्द वह ट्रांसफर हुए पैसों को फ्रीज करवा सकते हैं।


