प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण, बीमार-गरीब टारगेट:हिंदू संगठन बोले-चमत्कार दिखाकर लोगों को फंसाया जा रहा;पास्टर समेत 8 को जेल, बिलासपुर में भी बवाल

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रविवार को ईसाई समाज के प्रार्थना सभा के दौरान जमकर बवाल हुआ। हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद 22 लोगों को पुलिस थाने ले गई। पूछताछ के बाद पास्टर समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है। वहीं, बिलासपुर में भी रविवार को ऐसे ही दो मामले सामने आए, एक महिला ने अपने पति और सास पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है। दूसरी घटना में प्रार्थना सभा को लेकर हंगामा हो गया। बजरंग दल और हिंदूवादी संगठनों ने प्रार्थना सभा के नाम पर हिंदुओं को धर्म बदलने के लिए ब्रेनवॉश करने का आरोप लगाया है। मामला सिविल लाइन और पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। अब इस रिपोर्ट में सिलसिलेवार पढ़िए तीनों घटनाक्रम:- केस-1 पहला मामला बालोद के गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है। जहां एक घर के ग्राउंड फ्लोर में प्रेयर चल रहा था। जिसकी सूचना मिलती ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इस दौरान बजरंग दल के नेता पंकज साहू ने ईसाई समाज के लोगों को कहा कि प्रार्थना सभा से कोई भी भागा तो कूट दिया जाएगा। इसे लेकर पुलिस और हिंदू संगठन के नेताओं के बीच जमकर बहस हुई। हंगामे के बीच पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार कर SDM कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया है। दरअसल, गुंडरदेही–धमतरी मेन रोड पर पंचराम नाम के व्यक्ति के घर के ग्राउंड फ्लोर पर ईसाई समाज के लोगों की प्रार्थना सभा चल रही थी। इसकी जानकारी बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिन्दू संगठन को लगी। बड़ी संख्या में पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष बलराम गुप्ता ने बताया कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन चल रहा था। सभा में 40-50 हिन्दू समाज के लोग थे। सभा में बीमार-गरीब लोगों को चमत्कार दिखाकर टारगेट किया जा रहा है। धर्मांतरण के लिए बरगलाया जा रहा है। धर्म बदलने का रैकेट चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुंडरदेही में जिस तलघर में प्रार्थना सभा हो रही थी, वहां ईसाई पादरी के बैठने के लिए विशेष आसन बनाया गया था। लोगों को प्रभावित करने का काम चल रहा था। पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई करे। अगर धर्म परिवर्तन का खेल नहीं रुका, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। चर्च में नहीं जाते, अब हिंदुओं के घरों को चर्च बना रहे हिन्दू नेता बलराम गुप्ता ने आरोप लगाया है कि ईसाइयों के लिए चर्च बनाए गए हैं, लेकिन अब वे चर्च न जाकर हिंदुओं के घरों को ही चर्च बना रहे हैं। गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम माहुद बी में एक घर के बाहर बेटन हैन चर्च लिखा हुआ था, जिसे विरोध के बाद हटाया गया। उन्होंने कहा कि शनिवार रात देवरी थाना क्षेत्र के डुमरघुचा गांव में भी धर्मांतरण का खेल चल रहा था, लेकिन ग्रामीणों के आक्रोशित होने पर वहां मौजूद लोग भाग निकले। हमारे इलाके में धर्मांतरण का खेल नहीं चलने देंगे। सभी लोग मूल रूप से हिन्दू वहीं बजरंग दल जिला सह संयोजक स्वप्निल शर्मा ने बताया कि सभा में शामिल सभी लोग मूल रूप से हिन्दू हैं, लेकिन वे खुद को ईसाई धर्म का अनुयायी बता रहे थे। इस तरह दोहरी बात कर लोग न केवल हमारी संस्कृति को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि विदेशी ताकतों को भी बढ़ावा दे रहे हैं। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत आठ गिरफ्तार – टीआई गुंडरदेही टीआई मनीष शेंडे ने बताया कि बिना अनुमति प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले 8 लोगों के खिलाफ BNS की धारा 170 के तहत केस दर्ज किया गया। सभी आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया। वहीं सभा में शामिल बाकी लोगों से पूछताछ की जा रही है। केस-2 दूसरा मामला बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भारतीय नगर का है। पूजा सोनी रविवार की रात अपने बच्चे को लेकर हिंदूवादी संगठनों के साथ सिविल लाइन थाना पहुंची। सोनी परिवार की महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति दुर्गेश सोनी और सास जानकी सोनी मिलकर उसे धर्म बदलने के लिए दबाव डाल रहे हैं। महिला का कहना है कि वो हिंदू धर्म को मानती है। लेकिन, उसका पति क्रिश्चियन धर्म मानने के लिए पिछले दो-तीन साल से परेशान कर रहा है। मूर्ति पूजा के बजाए प्रार्थना करने बनाता है दबाव महिला ने बताया कि उसका पति उसे देवी-देवताओं की मूर्ति की पूजा करने के लिए मना करता है। प्रार्थना करने के लिए दबाव बनाता है। चंगाई प्रार्थना करने से उसकी समस्या दूर होने का दावा करता है। प्रार्थना के लिए के लिए उसे जबरदस्ती चर्च भी ले गया था। महिला ने इस मामले की शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई सिविल लाइन टीआई विजय चौधरी ने कहा कि महिला ने अपने पति और सास के खिलाफ शिकायत की है, जिसमें उसने जबरदस्ती धर्म बदलने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर केस कर जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। केस-3 तीसरा मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र ग्राम सुकुलकारी का है। जहां एक गांव में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने गांव पहुंचकर जमकर हंगामा मचाया और प्रार्थना सभा का विरोध किया। उनका आरोप है कि हिंदू समाज की महिलाओं और बच्चों को प्रार्थना सभा में बुलाकर बरगलाया जा रहा था। जहां बड़ी संख्या में लोगों के साथ महिलाएं और बच्चे चंगाई सभा कर रहे थे। इसकी भनक लगते ही बजरंग दल और हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से की। जिसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। बजरंद दल और भीम आर्मी के कार्यकर्ता आमने-सामने सुकुलकारी गांव में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के हंगामा मचाने और विरोध प्रदर्शन करने की जानकारी लोगों ने भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को दी, जिसके बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ता भी गांव पहुंच गए। इस दौरान दोनों संगठन के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें शांत कराया। साथ ही मामले की शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। ………………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बिलासपुर में प्रार्थना-सभा की आड़ में धर्मांतरण:हिंदू संगठनों का आरोप-लालच देकर हिंदुओं को बुलाया, जमकर मचा बवाल, पास्टर समेत सात गिरफ्तार, बाइबिल और डायरी जब्त छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण का एक और मामला सामने आया है। हिंदू संगठनों के विरोध और हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पास्टर समेत सात लोगों को पकड़ा है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हिंदुओं को प्रलोभन देकर धर्म सभा के बहाने बुलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर…

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