गिरिडीह जिले में खंडोली डैम को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार को बरियारपुर के पास खंडोली डैम पर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। उन्होंने जल समाधि लेने का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। लेकिन जब लोग नहीं माने तो पुलिस ने सभी को पानी से बाहर निकाला। 1952 में डैम निर्माण के लिए DVC को जमीन दी गई थी ग्रामीणों ने खंडोली डैम से जुड़ी आठ मांगें रखी हैं। इनमें सबसे अहम मांग डैम का सीमांकन कर रैयतों को उनकी जमीन वापस करने की है। ग्रामीणों का कहना है कि 1952 में डैम निर्माण के लिए DVC को जमीन दी गई थी। अब डैम की सीमा बढ़ाकर कई रैयतों की निजी जमीन को भी शामिल कर लिया गया है। ग्रामीणों ने जब अधिग्रहण के कागजात मांगे तो प्रशासन कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं दे पाया। प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा: नागेंद्र चंद्रवंशी मधवाडीह के मुखिया सादिक अंसारी और जेएलकेएम केंद्रीय सचिव नागेंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है। पहले भी सीओ समेत जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी। फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे जल समाधि जैसे कदम उठाएंगे। बेंगाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि जल समाधि की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की गई। गौरतलब है कि खंडोली डैम और उससे जुड़े विवाद लंबे समय से ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि जब तक उनकी जमीन की सही सीमा और स्वामित्व का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


