भास्कर न्यूज | अमृतसर परम पूज्य श्री भक्त हंसराज जी महाराज की असीम अनुकंपा से उनके प्रिय शिष्य तिलक राज वालिया के सान्निध्य में शिवाला बाग भाइयां के श्री राम मंदिर में 9 दिवसीय श्री रामायण जी का महायज्ञ पाठ शुरू किया गया। जिसमें सैकडों राम भक्तों ने हाजिरी भरी। पाठ से पहले वालिया जी ने शिवाला के पूर्व प्रधान रामपाल चतरथ, पीआरओ विजय रौली, पूर्व रोटरी गवर्नर एमएम जैरथ, विमल गुप्ता, संजीव धवन, संजय मलिक, अश्विनी बाली, प्रिं. सुशील लूथरा के साथ मिलकर ज्योति प्रज्ज्वलित की। इस मौके पर पुरुषोत्तम शर्मा, डॉ. धर्मपाल, विनीत शर्मा, राजीव सूद, प्रिंस महाजन, मनी राम, राम सिमरन, रजनीश गुप्ता, विनोद गुप्ता, दीनानाथ, महेश ग्रोवर, भूषण शर्मा, कमल महाजन, दीपांशु शर्मा, दविंदर बक्शी, केएल सहगल, विकास शर्मा और सुखविंदर सिंह ने वालिया जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके वालिया ने शंखनाद की ध्वनि से मंगलाचरण करके पाठ शुरू किया। जिसमें वालिया जी ने कहा कि प्रभु भक्तों के लिए ‘राम नाम’ के हीरे मोती बिखेर देते हैं। जिसे हर कोई गुरु मंत्र के द्वारा धारण कर सकता है।उन्होंने कहा कि सृष्टि के मालिक प्रभु श्री राम ने जब धरती पर मनुष्य रूप में जन्म लिया तो चैत्र का पवित्र महीना था। उस दिन नवमी तिथि के शुक्ल पक्ष और भगवान का प्रिय मुहूर्त था। दोपहर के समय था न बहुत सर्दी और न गर्मी थी। शीतल मंद-मंद और सुगंधित चल रही थी। वहीं संतों के मन में उत्साह था और नदियां अमृत धारा बहा रही थी। प्रभु ने ब्राह्मण, गौ, देवता, संतों के लिए धरती पर मनुष्य का अवतार लिया।


