अमृतसर | जम्मू कश्मीर में इकट्ठे चार बादल फटने से रावी के जलप्रलय की अमृतसर में एंट्री घोनेवाल और माछीवाला से हुई। यह दोनों गांव एक-दूसरे से सटे हैं। इन दोनों गांवों पर बाढ़ के पानी से चार तरफ से हमला बोला था। इनमें से एक धुस्सी बांध तो बाकी सड़कों को तोड़कर पानी में घुसा था। इसके अलावा जिले के 190 गांवों में बाढ़ लाने वाला करीब 100 मीटर का पाड़ भी घोनेवाल की हद में आता है, मगर उसका पानी गांव की ओर बढ़ने की बजाय पशियां, जट्टा, शहजादा में तबाही मचाते हुए आगे बढ़ता गया। -फोटो : संजय तिवारी


