भास्कर टीम। रांची नई उत्पाद नीति लागू 2025 लागू होने के बाद एक सितंबर से खुदरा शराब की बिक्री निजी हाथों में चली गई है। राज्य के सभी जिलों में ई लॉटरी से दुकानों की बंदोबस्ती कर दी गई है। पलामू जिले में भी 70 दुकानों की ई लॉटरी से बंदोबस्ती की गई है। इन 70 दुकानों से उत्पाद विभाग एक साल में कुल 184 करोड़ रुपए का राजस्व वसूलेगा। लेकिन जिले की दो दुकानों सबसे अधिक 24 करोड़ रुपए का राजस्व उत्पाद विभाग को एक साल में मिलेगा। पलामू के हरिहरगंज में स्थित इन दोनों दुकानों में से एक का वार्षिक न्यूनतम राजस्व (एमजीआर) 11.47 करोड़ व दूसरे का 12.49 करोड़ रखा गया है। विभाग ने इन दोनों दुकानों का एमजीआर इतना ज्यादा क्यों रखा, इसकी पड़ताल दैनिक भास्कर ने की तो चौकाने वाली बात सामने आई। पता चला कि इन दुकानों के 40 फीसदी ग्राहक बिहार के है। बिहार के इन ग्राहकों की वजह से ही इन दुकानों का राजस्व सबसे अधिक रखा गया है। पलामू के हरिहरगंज में जिन जगहों पर इन खुदरा शराब दुकानों को खोला गया है वहां से बिहार का औरंगाबाद जिला सटा हुआ। शाम होते ही हरिहरगंज की इन दोनों दुकानों पर औरंगाबाद के ग्राहकों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। चार पहिया व दो पहिया वाहनों की कतार लग जाती है। शाम के चार बजे से यहां ग्राहक जुट जाते है और देर रात तक रुकते है। नई उत्पाद नीति लागू होने के बाद शराब दुकानों को खोलने का समय अब रात 11 बजे तक दिया गया है। इसलिए अब इन दोनों दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ और ज्यादा उमड़ने की उम्मीद है। एक सितंबर को पहले दिन विभाग की ओर से इन दोनों में काफी कम माल मिला। इसके बाद भी यहां ग्राहकों की काफी भीड़ उमड़ी। इन दोनों दुकानों में हर दिन कुल 10 से 12 लाख रुपए की शराब की बिक्री होती है। निजी हाथों में जाने से पहले यहां शराब की बिक्री सरकार कर रही थी। सरकार को इसकी जानकारी थी। इसलिए इन दोनों दुकानों का एमजीआर सबसे अधिक रखा गया है। दोनों दुकानों के संचालकों ने भी स्वीकार किया कि बिहार के ग्राहकों की वजह से ही यहां का एमजीआर अधिक रखा गया है। दोनों दुकान के संचालकों ने बताया कि इससे पहले सरकार खुद यहां शराब बेच रही थी। इसलिए सरकार को जानकारी है कि कितनी बिक्री यहां से होती है। इसलिए 12 करोड़ से अधिक का एमजीआर रखा गया है। बताया कि पहले दिन अॉन लाइन पेमेंट की समस्या की वजह से पूरा माल नहीं मिलने के कारण 3 लाख से अधिक का नुकसान का सामना करना पड़ा है। पलामू में 2 से 3 दुकानों का समूह, उनका भी एमजीआर काफी कम : पलामू में 70 शराब दुकानों की बंदोबस्ती 20 समूह बना कर की गई है। जिसमें से 2 से 3 या उससे अधिक दुकानों को रखा गया है। समूह में होने के बाद भी इन दुकानों का कुल राजस्व इतना नहीं है। – समूह एक में दो दुकान कुल राजस्व 6,22,950,82 – समूह 2 में कुल 4 दुकान कुल राजस्व 7,29,50,820 – समूह तीन में 3 दुकान कुल राजस्व 6,39,34,426


