अमेरिकी ट्रेडिंग कंपनी जेन स्ट्रीट और भारत का मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) आज (9 सितंबर) कोर्ट में आमने-सामने होंगे। दो महीने पहले SEBI ने जेन स्ट्रीट पर बाजार में हेरफेर करने और 4,844 करोड़ रुपए का अवैध मुनाफा कमाने का आरोप लगाते हुए शेयर बाजार से बैन कर दिया था। सेबी का आरोप है कि जेन स्ट्रीट ने इंडेक्स ऑप्शंस में हेराफेरी करके छोटे निवेशकों को नुकसान पहुंचाया। इसी के खिलाफ जेन स्ट्रीट ग्रुप ने पिछले हफ्ते SEBI के खिलाफ सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में केस कर दिया था। हालांकि, कंपनी का कहना है कि सेबी ने उन्हें जरूरी दस्तावेज नहीं दिए, जिनके आधार पर वो अपना पक्ष रख सकते थे। साथ ही, जेन स्ट्रीट का दावा है कि सेबी की अपनी सर्विलांस टीम ने पहले जांच में कोई हेरफेर नहीं पाया था। ये विवाद दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव मार्केट लिए भी अहम है। 4 पॉइंट में पूरा मामला समझें.. जेन स्ट्रीट ने हेराफेरी के आरोपों को गलत बताया था आर्बिट्रेज स्ट्रैटजी और मार्केट मैनिपुलेशन में अंतर आर्बिट्रेज एक वैध ट्रेडिंग रणनीति है। इसमें ट्रेडर एक ही समय में अलग-अलग बाजारों या प्लेटफॉर्म्स में किसी शेयर, कमोडिटी या डेरिवेटिव की कीमतों में अंतर का फायदा उठाता है। मान लीजिए, एक कंपनी का शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 100 रुपए में बिक रहा है, लेकिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 102 रुपए में। ट्रेडर BSE से शेयर खरीदकर NSE पर तुरंत बेच देता है और 2 रुपए का मुनाफा कमा लेता है। यह पूरी तरह से कानूनी है। मार्केट मैनिपुलेशन गैर-कानूनी गतिविधि है। इसमें ट्रेडर जानबूझकर शेयरों की कीमतों को प्रभावित करता है, ताकि उसे मुनाफा हो या दूसरों को नुकसान हो। मान लीजिए, कोई ट्रेडर किसी कंपनी के शेयरों को भारी मात्रा में खरीदता है और अफवाह फैलाता है कि कंपनी को बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इससे शेयर की कीमत बढ़ जाती है और वह ऊंचे दाम पर बेच देता है। इससे अन्य लोगों को नुकसान होता है और उसे फायदा। सेंसेक्स ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की भी जांच करेगा सेबी सेबी ने जेन स्ट्रीट को ट्रेडिंग की अनुमति तो दे दी है, लेकिन NSE और BSE को कहा गया है कि वे जेन स्ट्रीट के भविष्य के ट्रेड्स पर बारीकी से निगरानी रखें। सेबी ने यह भी कहा है कि अगर जेन स्ट्रीट ने फिर से कोई मैनिपुलेटिव ट्रेडिंग पैटर्न अपनाया, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सेबी की जांच अभी भी जारी है और इसमें कई महीने लग सकते हैं। सेबी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए सेंसेक्स ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स पर भी नजर डालने का फैसला किया है। सेबी को शक है कि जेन स्ट्रीट ने बीएसई के इंडेक्स में भी हेरफेर किया होगा। जेन स्ट्रीट मार्केट में हेराफेरी कैसे करती थी, इसे विस्तार से पढ़े…. SEBI ने अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ग्रुप और उससे जुड़ी 3 कंपनियों पर बैन लगा दिया है। अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म पर इंडेक्स एक्सपायरी के दिन कीमतों में हेराफेरी करने का आरोप लगा है। SEBI ने 4,843.57 करोड़ रुपए की अवैध कमाई को जब्त करने का आदेश भी दिया है। पूरी खबर पढ़े…


